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पूर्व अफसर के मकान में दबोचा गया बदमाश

Thu, 21 Jan 2016 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद
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शहर के शिवकुटी इलाके में मंगलवार देर रात बदमाशों ने एयरफोर्स के रिटायर्ड अधिकारी के सूने घर में घुसकर लूटपाट शुरू की, मगर पड़ोसी की सजगता से उनका इरादा पूरा नहीं हो सका। फोन से खबर पाकर उसी मोहल्ले में रहने वाले समाजसेवी ने साहस दिखाते हुए चोरों की घेराबंदी की और पड़ोसियों की मदद से एक बदमाश को दबोच लिया। उसे पीटकर शिवकुटी थाने की पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने बदमाश से पूछताछ कर उसके गिरोह के साथियों और चोरी की दूसरी घटनाओं में उड़ाए गए माल की बरामदगी की कोशिश शुरू कर दी है।
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शिवकुटी में टेलीफोन एक्सचेंज वाली सड़क पर रहने वाले रिटायर्ड एयरफोर्स अफसर श्रीकृष्ण शुक्ला अपने बेटे के साथ कानपुर गए थे। मकान में ताला लगा था। मंगलवार रात करीब दो बजे श्रीकृष्ण के पड़ोसी ने उनके घर में लाइट ऑन और ऑफ होने तथा खटपट की आवाज पर सशंकित होकर उनके भाई विजयकृष्ण को फोन से बताया। लखनऊ से लौट रहे विजयकृष्ण ने इस बारे में फौरन शिवकुटी में रहने वाले समाजसेवी कमलेश तिवारी को खबर दी। कमलेश तुरंत अपनी लाइसेंसी राइफल लेकर घर से निकले और पड़ोसियों रेलवे ठेकेदार अजीत राय तथा सब रजिस्ट्रार चायल तहसील राजेश सरोज को भी बुला लिया। फिर कमलेश ने उन दोनों के साथ श्रीकृष्ण के घर के भीतर जाकर ललकारा तो बदमाशों में खलबली मच गई। बदमाश निकलकर भागे। 
कमलेश ने राइफल से गोली मारने की धमकी देकर एक बदमाश को पकड़ लिया, बाकी भाग गए। पकड़े गए चोर को घर के बाहर लाया गया। लोगों ने उसे पीट दिया। इसी बीच खबर पाकर 100 डायल की गाड़ी आ गई। चोर को शिवकुटी थाने ले जाया गया। वहां पूछताछ में उसने अपना नाम सुनील सोनी और पता रानीगंज प्रतापगढ़ बताया। वह शहर के एक टेंट हाउस में काम करता था। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने इस चोर गैंग के बाकी बदमाशों की तलाश शुरू की है। उनके पकड़ में आने पर माल बरामदगी की जाएगी।
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पुलिस मान रही है कि इसी गिरोह ने शिवकुटी इलाके में पिछले दिनों कई मकानों में चोरी की। तीन रोज पहले ही शिवकुटी में आईजी पीके तिवारी के निवास के निकट बदमाशों ने बीमा एजेंट के सूने मकान से लाखों रुपये का माल पार कर दिया था। बीस दिन पहले रिटायर्ड जिला कृषि अधिकारी के घर में भी बदमाश चोरी के लिए दरवाजा काट रहे थे, तभी सूचना पाकर पहुंचे कमलेश तिवारी ने राइफल से फायर किया तो चोर भाग गए। दो-तीन और घरों में बदमाशों ने हाथ मारा था। माना जा रहा है कि इसी गिरोह ने दिन में सूने मकानों को चिह्नित कर रात में वारदात की।
मार्डन कंट्रोल रूम बनाने के पीछे मंशा यह थी कि सूचना मिलते ही कुछ मिनटों में 100 डायल से जुड़ी बाइक और फोर व्हीलर गाड़ियों में पुलिस मौके पर पहुंच जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। शिवकुटी में भी मंगलवार रात कमलेश तिवारी ने 100 नंबर पर घर में चोर घुसे होने की सूचना दी लेकिन 100 डायल की गाड़ी आई तकरीबन 42 मिनट यानी पौन घंटे बाद। ऐसे में कंट्रोल रूम की सुस्ती समझी जा सकती है।
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