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पौषपूर्णिमा पर आज लगेगी पहली डुबकी

Tue, 02 Jan 2018 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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माघ मेले के प्रथम स्नानपर्व पौष पूर्णिमा पर मंगलवार को लाखों श्रद्धालु संगम सहित गंगा और यमुना के विभिन्न घाटों पर डुबकी लगाएंगे। स्नानार्थियों के लिए संगम नोज सहित गंगा और यमुना के तट पर कुल अठारह घाट बनाए गए हैं। हालांकि, किलाघाट से लेकर दारागंज की ओर तक कल्पवासियों के लिए अलग-अलग जगहों पर स्नान घाट बनाए गए हैं। गंगा की धाराओं से बनी स्थिति से सभी चकित हैं।
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अबकी संगम नोज बीते वर्षों की अपेक्षा काफी दूर चला गया है। इससे संगम नोज मुख्य घाट बन गया है, सो स्नानार्थियों का मुख्य दबाब यहीं रहेगा। सबसे बड़ा ‘बेदिंग एरिया’ होने के कारण यहां सबसे बड़ा सर्कुलेटिंग एरिया भी है। वैसे यमुना पट्टी में भी काफी चौड़ा सर्कुलेटिंग एरिया बनाया गया है। घाटों के किनारे बालू की बोरियों की कतारों से सीढ़ियां बनाई गई हैं ताकि घाटों के किनारे फिसलने या गिरने जैसी स्थिति न रहे। जल के भीतर एक निश्चित दूरी तक स्नान किया जा सकेगा। सुरक्षित सीमा के बाद जल में बल्लियां और रस्सियां लगाकर बैरीकेडिंग की गई है ताकि कोई आगे न जा सके। स्नानार्थियों की सुविधा और बचाव के लिए बैरीकेडिंग के बाहर जल पुलिस की व्यवस्था रहेगी। इसी तरह सर्कुलेटिंग एरिया में जमीन पर कासा बिछाया गया है ताकि घाटों के बाहर कीचड़ न हो सके। वहीं तिलक-चंदन लगाने, गोदान, पूजन कराने वाले गंगापुत्र घाटियों को काफी दूर ही रखा गया है।

संगम नोज की ओर जाने वाले रास्ते सहित घाटों से पहले पर्याप्त रोशनी का इंतजाम किया गया है। पेयजल के लिए मेला क्षेत्र में वाटर एटीएम लगाए गए हैं तो घाटों के पास पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। संगम नोज से थोड़ा पहले वाच टॉवर बनाया गया है जहां से मुख्य स्नानघाटों की निगरानी की जा सकेगी। यहां से स्नानार्थियों को सूचना देने के अतिरिक्त स्नानक्षेत्र में किसी भी तरह के वाहन के प्रवेश को नियंत्रित किया जाएगा।
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पहली बार स्नान घाट के पास वाच टॉवर से थोड़ी ही दूर पर स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था की गई है। यहां स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी के निराकरण सहित किसी भी तरह की दुर्घटना के बाद बचाव की व्यवस्था रहेगी। घाटों के किनारे महिलाओं के कपड़े बदलने की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इसके तहत प्रशासन की ओर से चेंजिंग रूम बनाए गए हैं। इसी के पास शौचालयों की व्यवस्था भी की गई है।
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