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सौहार्द की मिसाल पेश करेंगे ताजियेदार

Sun, 11 Oct 2015 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद। बड़ा ताजिया के बाद अब ऐतिहासिक मोहर्रम कमेटी ने नायाब पहल की है। रसूलपुर के ताजियादार निसार खां ने कहा कि दशहरा और मुहर्रम की तारीखें आगे-पीछे पड़ने के कारण अबकी मुहर्रम की तीसरी, सातवीं, नौवीं और दसवीं के जुलूस नहीं निकाले जाएंगे। सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए ऐतिहासिक मोहर्रम कमेटी की शनिवार को रसूलपुर इमामबाड़े में दस बड़े ताजियादारों की मौजूदगी में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।
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कोलहन टोला मेंहदी के ताजियादार डा. मो.असलम ने कहा कि शहर में सांप्रदायिक सदभावना, अमन-चैन,  भाईचारे के लिए मुहर्रम की छठवीं को मेंहदी का जुलूस नहीं निकाला जाएगा। इमामबाड़े में ही नियाज फातिहा होगी। दसवीं को फूल कर्बला में दफन किए जाएंगे। मोहम्मद अहमद खां की अध्यक्षता और जुल्फेकार खां जुल्लू के संचालन में हुई बैठक में वसीम खां, दुलारे खां, बन्नू कुरैशी, शिवगोपाल गुप्ता, राम जी यादव, गुलजार अहमद, नियाज अहमद, शमीम अहमद, श्रीचंद्र दूबे, मोहम्मद हामिद, नन्हें मियां, सुहैल अहमद, शब्बीर अहमद आदि मौजूद थे

चांद के साथ मुहर्रम की पहली तय होगी लेकिन जिलहिज्जा की 29वीं तारीख यानी 14 अक्तूबर को रानी मंडी स्थित नवाब नन्हें खां की कोठी से जुलूसे इस्तकबाले अजा निकाला जाएगा। इसी के साथ गम मनाने का सिलसिला शुरू होगा। महिलाएं चूड़ियां तोड़ देंगी तो अजादार काले लिबास में आ जाएंगे। दसवीं मुहर्रम को अकीदत के फूल कर्बला में दफनाए जाएंगे लेकिन गमे हुसैन मनाने का सिलसिला 67 दिनों बाद चुप ताजिया के साथ पूरा होगा।
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वहीं अंजुमन मोहाफिजे अजा कदीम की ओर से 12 अक्तूबर को रात आठ बजे दरगाह हजरत अब्बास में बाकर नकवी की सरपरस्ती में नया कलाम, सलाम पेश किया जाएगा। दरगाह मौला अली प्रबंध समिति के अध्यक्ष सैयद अजादार हुसैन के मुताबिक मुहर्रम के मद्देनजर इमामबाड़ों और अजाखानों में नौहा मातम का सिललिसा जारी रहेगा। अंजुमने तैयारी को अंतिम रूप देने में जुटी हैं।
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