इसी आधार पर आगे भी सेवा कार्य का दायरा किस तरह से बढ़ाया जाए, उसे लेकर संघ पदाधिकारियों ने प्रयागराज के गौहनियां में लंबा मंथन किया। कोरोना की वजह से जिन परिवारों पर आर्थिक संकट आया, उनकी मदद कैसे की जाए, उसे लेकर एक व्यापक स्तर पर संबंधित लोगों की मदद किए जाने की बात कही गई। ऐसे लोगों की सहायता करने के लिए स्वयंसेवक समाज के सहयोग के साथ योजना बनाकर आगे बढ़े, उस पर भी विचार विमर्श किया गया।
मतांतरण रोकने की पहल करेगा संघ
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने पिछले माह झारखंड की राजधानी रांची में हुए कार्यक्रम में मतांतरण के नाम पर हिंदू समाज को कमजोर करने की बात कही थी। उनके इस कथन के बाद प्रयागराज में आयोजित अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक के दूसरेे दिन मतांतरण पर भी पदाधिकारियों ने चर्चा की। यहां चर्चा हुई कि केंद्र की सरकार अनसुलझे समस्याओं को सुलझाने में लगी है, परंतु देश के अंदर कुछ शक्तियां ऐसी है जो हिंदू समाज को कमजोर करने के लिए तोड़ने में लगी है।
वैसी शक्तियों को बाहर से भी समर्थन मिल रहा है। इसके लिए कहीं मतांतरण का सहारा लेकर हिंदू समाज को कमजोर किया जा रहा है तो कहीं मनोबल तोड़ने के लिए हिंसा का सहारा लिया जा रहा है। फिलहाल मतांतरण को रोकने के लिए गांव एवं नगर की सेवा बस्तियों में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करने पर बल दिया गया। कहा गया कि इसके लिए महिलाओं को जागरूक किया जाए। ताकि मतांतरण को रोका जा सके।
वात्सल्य परिसर में हर रोज एक घंटे की लग रही है शाखा
अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में शिरकत करने के लिए आए पदाधिकारियों के लिए वात्सल्य परिसर में नियमित रूप से शाखा का भी आयोजन हो रहा है। एक घंटे की शाखा में संघ प्रमुख मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, भैय्या जी जोशी आदि नियमित रूप से शिरकत कर रहे हैं। उधर मोहन भागवत का भी यहां रूटीन पूरी तरह से निर्धारित है।
वह नियमित रूप से सादा भोजन ही कर रहे हैं। यहां नंदिनी नाम की दृष्टिहीन गाय के दूध का सेवन ही भागवत कर रहे हैं। इस गाय की सेवा वहां व्यवस्था में लगे स्वयंसेवक करते हैं। वहां यहां बिना एसी वाले कमरे में प्रवास कर रहे हैं। सुबह-शाम वह नियमित रूप से टहलते भी हैं। उन्हें खाने में भी जो भी दिया जाता है पहले उसकी गहनता से जांच होती है।