फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj News: अग्नि के समक्ष आरंभ हुई कठिन साधना पंच गुरु करेंगे नागा संस्कार

विज्ञापन
विज्ञापन
जूना अखाड़े में शनिवार से नागा संस्कार आरंभ हुए। दोपहर को 900 से अधिक साधुओं ने गंगा स्नान के पश्चात कठिन साधना आरंभ की। वस्त्र त्याग करके सिर्फ अधोवस्त्र में छावनी लौटे। धर्मध्वजा के नीचे अग्नि के समक्ष बैठकर तपस्या आरंभ की।
विज्ञापन

आधी रात के बाद पंच गुरु की मौजदूगी में उनके पंच संस्कार पूरे कराए जाएंगे। 48 घंटे लंबी क्रियाओं के बाद यह सभी जूना अखाड़े के नागा परिवार में शामिल हो जाएंगे।
जूना अखाड़ा छावनी में शनिवार दोपहर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संस्कार आरंभ हुए। भगवान दत्तात्रेय एवं हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए सभी साधुओं को गंगा किनारे ले जाया गया।
विज्ञापन

इनमें हर आयुवर्ग के साधु शामिल हुए। सबसे पहले गंगा में 108 डुबकी लगाई। इसके बाद सभी का क्षौर कर्म के साथ जनेऊ संस्कार हुआ। यहां से सभी वापस छावनी आए। गुरु कुटिया के समक्ष धर्मध्वजा के नीचे बने घेरे के बीच जल रही अग्नि के समक्ष उनकी तपस्या आरंभ हुई। इस तपस्या के माध्यम से इंद्रियों को वश में करने के साथ अपनी दुर्बलताओं को अग्नि में अर्पित करना होता है।
बिना अन्न-जल ग्रहण किए रात भर यह कठिन साधना करनी होगी। तड़के दोबारा सभी को गंगा तट ले जाकर अन्य संस्कार पूरे कराए जाएंगे। यहां पांच गुरु मौजूद होंगे। उनको कंडी, भगवा वस्त्र, लंगोटी, भभूत देने के साथ ही शिखा मुंडित करेंगे। आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि की मौजदूगी में यह संस्कार होंगे। श्रीमहंत मोहन गिरि के मुताबिक विजया हवन के लंगोटी खोलकर नागा बनाया जाएगा।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें