केंद्रीय कारागार नैनी से इलाज के लिए एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराए गए सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी बंदी दीपक पाल के फरार होने के मामले में सिपाही रविकांत को भी निलंबित कर दिया गया। एक दिन पहले हुए इस मामले में जेल वार्डर अर्जुन प्रसाद को निलंबित किया जा चुका है। उधर आरोपी को फरार होने में मदद करने के शक में तीन युवकों को हिरासत में लिया गया है। साथ ही बंदी की तलाश में टीमें लगाई गई हैं।
जेल वार्डर के साथ ही सिपाही रविकांत की भी ड्यूटी सुरक्षा में लगाई गई थी। घटना के बाद जेल प्रशासन की ओर से उसके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट पुलिस अधिकारियों को भेजी गई थी। जिस पर उसके खिलाफ यह कार्रवाई की गई। मामले में बंदी की मदद करने के शक में नैनी निवासी तीन युवकों को हिरासत में लिया गया है। इनमें से एक हिस्ट्रीशीटर है और दो अन्य युवक डांडी व मामा भांजा इलाके के रहने वाले हैं।
फरार बंदी दीपक नैनी के डांडी स्थित पदम इनक्लेव का रहने वाला है और मूल रूप से प्रतापगढ़ के उदयपुर थाना क्षेत्र स्थित मगैती गांव का निवासी है। पिछले साल उस पर सामूहिक दुष्कर्म का एक मामला दर्ज हुआ था। जिसमें बीते छह मार्च को उसे सिविल लाइंस पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 22 मई की सुबह वह सुरक्षा में लगे सिपाहियों को चकमा देकर भाग निकला था। एसएसपी अजय कुमार ने बताया कि सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। बंदी की तलाश में टीमें लगाई गई हैं।