उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में परीक्षाओं और साक्षात्कार की तीन साल पुरानी व्यवस्था फिर से बहाल होगी। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले पांच प्रतियोगियों का प्रतिनिधिमंडल 11 सूत्रीय मांग को लेकर मंगलवार को सचिव से मिला। आयोग के अफसरों ने उनकी कई मांगों के माने जाने का आश्वासन दिया।
परीक्षा केंद्र आवंटन की पुरानी व्यवस्था बहाल करने, बिहार पीसीएस मुख्य परीक्षा से कार्यक्रम न टकराने, सिविल सेवा की तर्ज पर पीसीएस मुख्य परीक्षा कराने, मूल्यांकन एवं पेपर बनाने वाले विशेषज्ञों की कमेटी को भंग कर नई समिति बनाने, परीक्षा के प्रत्येक स्तरों की वीडियोग्राफी कराने, साक्षात्कार बोर्ड आवंटन की तीन साल पुरानी व्यवस्था बहाल करने आदि मांगों पर आयोग के अफसर सहमत हुए।
हालांकि मुख्य परीक्षा में रिक्त स्थान के बजाय शब्द सीमा की मांग को उन्हाेंने खारिज कर दिया। सीसैट से प्रभावित अभ्यर्थियों को अतिरिक्त अवसर देने, भर्तियों की प्रतीक्षा सूची जारी करने का प्रस्ताव शासन को भेजे का आश्वासन भी अफसरों ने दिया। प्रतिनिधिमंडल में अवनीश पांडेय, रुद्र प्रताप सिंह, सिद्धार्थ मिश्रा, विक्की खान और दिनेश तिवारी शामिल रहे।