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शिकंजा : फर्जीवाड़ा गिरोह का मददगार परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय का लिपिक गिरफ्तार, रोडवेज बस अड्डे से एसटीएफ लखनऊ ने पकड़ा

Sat, 18 Sep 2021 07:25 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

आरोपी के गिरोह में शामिल अन्य मददगारों की तलाश में एसटीएफ जुट गई है। लिपिक से पूछताछ में कई और मामले खुलने के संकेत मिले हैं।
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Prayagraj News : संजय कन्नौजिया लिपिक, परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय। - फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
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फर्जीवाड़ा कर नौकरी दिलाने वाले गिरोह के भंडाफोड़ के बाद शनिवार को इसके मददगार परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में तैनात लिपिक संजय कनौजिया को गिरफ्तार कर लिया गया। एसटीएफ लखनऊ की टीम ने उसे रोडवेज बस अड्डे से पकड़ा। एसटीएफ का दावा है कि फर्जी डिग्री से भर्ती हुए शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन में वह गिरोह की मदद करता था। जिसके एवज में उसे प्रति कैंडिडेट 50 हजार रुपये मिलते थे।
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पकड़ा गया संजय कनौजिया नैनी स्थित चकदेवरा का कनैला का रहने वाला है और एलनगंज स्थित परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में कनिष्ठ लिपिक के पद पर तैनात है। उसने पूछताछ में बताया है कि शिक्षकों के सत्यापन का कार्य परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय से कराया जाता है। इसी काम में वह गिरोह के सरगना शिकोहाबाद निवासी रामनिवास की मदद करता था, जो एक दिन पहले ही लखनऊ में अपने दो साथियों संग गिरफ्तार किया जा चुका है।

उसने बताया कि रामनिवास फर्जी डिग्री के आधार पर नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों से सत्यापन के लिए मोटी रकम वसूलता था। फिर संजय की मदद से उनका सत्यापन करा देता था। फर्जी शिक्षकों से ली गई रकम में से 50 हजार उसे देने केबाद शेष रकम खुद रख लेता था। रामनिवास की गिरफ्तारी की जानकारी के बाद वह शहर छोड़कर भागने की फिराक में थ, तभी उसे एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ की ओर से बताया गया कि आरोपी को लखनऊ कमिश्नरेट के थाना विभूतिखंड में पंजीकृत मुकदमे में दाखिल करते हुए पुलिस को सौंप दिया गया है।
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सॉल्वर गिरोह से लेकर परीक्षा कराने वाली कंपनी तक से साठ-गांठ
एसटीएफ ने एक दिन पहले प्रदेश में फर्जी डिग्री से शिक्षक की नौकरी दिलाने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए मास्टरमाइंड रामनिवास समेत तीन जालसाजों को लखनऊ से गिरफ्तार किया था। तीनों जालसाज सॉल्वर गिरोह, परीक्षा कराने वाली कंपनी से लेकर परिणाम तैयार करने वाली कंपनी से साठ-गांठ कर टीजीटी, पीजीटी व टीईटी के माध्यम से भर्ती कराने का गिरोह चला रहे थे। मास्टरमाइंड फिरोजाबाद के शिकोहाबाद का राम निवास उर्फ राम भईया है, जो खुद फर्जी डिग्री से शिक्षक बना था। दो और जालसाजों में एक बिहार के गया का संजय सिंह है जो डाटा सॉफ्ट कंप्यूटर सर्विसेज प्रा. लि. कंपनी का प्रोडक्शन मैनेजर है। दूसरा आगरा के सिकंदरा का रविंद्र कुमार उर्फरवि है जो देवरिया के बनकटा में फर्जी शिक्षक है।
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