इलाहाबाद हाईकोर्ट ने क्वारंटीन में रखे गए तब्लीगी जमात के लोगों को क्वारंटीन अवधि समाप्त होने के बाद भी सेंटर में ही रखे जाने के मामले में जानकारी मांगी है। कोर्ट ने याचिका दाखिल करने वाले शाह अनवर से कहा कि वह कोर्ट को निरुद्ध रखे गए लोगों का ब्यौरा उपलब्ध कराएं ताकि सरकार से इसकी जानकारी मांगी जा सके। जबकि प्रदेश सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने हाईकोर्ट को बताया कि मैनपुरी में क्वारंटीन सेंटर में रखे गए कोरोना संदिग्ध तब्लीगी जमात के तीस व अन्य लोगों को छोड़ दिया गया है।
कई लोगों के परिवार वालों ने उन्हें लेने से मना कर दिया सो वह अपनी मर्जी से ही सेंटर में रह रहे हैं। किसी को भी उनकी मर्जी के खिलाफ अवैध रूप से निरुद्ध नही किया गया है। जबकि याची ने कहा कि सौ से,अधिक लोगों को क्वारंटीन अवधि बीतने ,जाने के बाद भी सेंटर में रखा गया है।
कोर्ट ने याची को इसका ब्यौरा देने को कहा ताकि सरकार से जानकारी मांगी जा सके। याचिका की सुनवाई 27मई को होगी। मैनपुरी के शाद अनवर ने इस मामले में जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका पर मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर तथा न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।
याची ने 30 लोगों को क्वारंटीन अवधि बीत जाने के बाद भी जबरन अवैध निरुद्धि में रखने की शिकायत करते हुए जनहित याचिका कायम कर समादेश जारी करने की मांग की थी जबकि सरकार का कहना है कि किसी को भी अवैध रूप से नहीं रखा गया है। मामले की सुनवाई 27मई को होगी।