इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा प्रमोट किए जाने की मांग ने फिर तेजी पकड़ ली है। पहले इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ (ऑटा) के अध्यक्ष प्रो. राम सेवक दुबे ने यह मांग की थी और अब तब छात्र संगठन एनएसयूआई ने कुलपति को पत्र भेजकर मांग की है कि मौजूद परिस्थितियों को देखते हुए छात्रों को बिना परीक्षा अगली कक्षा में प्रमोट किया जाए।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय समन्वय एवं प्रभारी इविवि, संघटक कॉलेज जितेश मिश्र की ओर से कुलपति को दिए गए पत्र में मांग की गई है कि स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं को बिना परीक्षा प्रमोट कियाजाएगा और तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों को इतने अंकों के साथ उत्तीर्ण किया जा सके, जितने प्राप्तांक अन्य विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए जरूरी हैं। इसके साथ हॉस्टलों एवं डेलीगेसियों में रहने वाले छात्र-छात्राओं की साल भर की फीस भी माफ किए जाने की मांग की गई है। इसके लिए एनएसयूआई की ओर कई तर्क दिए गए हैं।
पत्र में कहा गया है कि इविवि में यूपी समेत बिहार, एमपी, झारखंड, छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में ऐसे छात्र पढ़ते हैं जो आर्थिक रूप से काफी कमजोर हैं और ऑनलाइन पढ़ाई के लिए उनके पास उचित संसाधन नहीं हैं। इविवि में कई ऐसी कक्षाएं हैं, जहां ऑनलाइन पढ़ाई नहीं हो पाई है। इसके अलावा एनएसयूआई ने ऑनलाइन परीखा के खिलाफ याचिका शुरू की थी, जिस पर लगभग 75 हजार छात्रों ने हस्ताक्षर किए।
ट्वीटर पर छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन परीक्षाओं के खिलाफ नाराजगी दर्ज कराई है। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए इविवि के छात्र-छात्राओं को बिना परीक्षा अगली कक्षा में प्रमोट किया जाए।