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कार ने मारी टक्कर, स्कूटी सवार अधेड़ की मौत

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The car collided, the scooter rider died
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प्रयागराज। कैंट के बहुगुणा मार्केट के पास शुक्रवार शाम तेज रफ्तार कार ने आगे चल रही स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी। जिससे कारसवार आभूषण कारीगर की मौत हो गई जबकि साथ जा रहे तीन बच्चे जख्मी हो गए। इनमें से एक बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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मूल रूप से बाघराय का रहने वाला रामजी सोनी कैंट के पत्रकारपुरम में किराये के मकान में रहता था। इसी मकान मेें नीचे की ओर वह गहनों की मरम्मत की दुकान चलाता था। परिवार में पत्नी के अलावा पांच बच्चों में पीयूष(13), रवि(11) व बेटी सिमरन(15) के अलावा दो अन्य हैं। भाई मदन ने बताया कि शुक्रवार शाम 7.30 बजे के करीब रामजी तीनों बच्चों को लेकर स्कूटी से पोलो ग्राउंड की ओर जा रहा था। अभी वह इंदिरा मूर्ति चौराहे के पास स्थित बहुगुणा मार्केट के सामने ही पहुंचे थे कि तभी पीछे से आ रही आई ट्वेंटी कार ने स्कूटी में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबदस्त थी कि स्कूटी सवार रामजी व तीनों बच्चे छिटककर दूर जा गिरे।
उसके व छोटे बेटे रवि के सिर जबकि सिमरन व पीयूष के हाथ-पैर में चोटें आईं। आसपास मौजूद लोग भागकर मौके पर पहुंचे तो चारों लहुलुहान हालत में पड़े थे। सूचना पर कैंट इंस्पेक्टर पहुंचे और सभी घायलों को पास ही स्थित निजी अस्पताल ले गए। जहां से हालत गंभीर देख उन्हें एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। रात 11 बजे के करीब इलाज के दौरान रामजी की मौत हो गई जबकि रवि की हालत गंभीर बनी हुई थी। सिमरन व पीयूष को मामूली चोटें आईं थीं। डॉक्टरों ने बताया कि रवि के सिर में गंभीर चोट आई है।उसका इलाज किया जा रहा है।
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लावारिस हाल में मिली कार
उधर हादसे के बाद आरोपी चालक कार लेकर मौके से भाग निकला। जिसके बाद पुलिस ने कंट्रोल रूम में सूचना देकर घेराबंदी कराई। करीब आधे घंटे बाद कार लावारिस हाल में ड्रमंड रोड के पीछे खड़ी मिली। चालक कार लॉक करके भाग निकला था। जिसके बाद क्रेन से खिंचवाकर कार थाने लाई गई। इंस्पेक्टर अरविंद गौतम ने बताया कि कार चकिया निवासी मो. जैल की बताई जा रही है। उसकी तलाश की जा रही है।
मौत की खबर पर मचा कोहराम
उधर रामजी की मौत पर एसआरएन अस्पताल से लेकर कैंट स्थित घर तक कोहराम मचा रहा। घर पर मौजूद पत्नी मनोरमा व बड़ी बेटी और छोटे बेटे का रो-रोकर बुरा हाल था। भाई मदन भी बिलखता रहा। उसने बताया कि रामजी बाघराय के बदलीपुर गांव के रहने वाले थे। कई साल पहले वह प्रयागराज चले आए थे। यहां आने के बाद कई साल तक सलोरी में रहे जिसके बाद पत्रकारपुरम में रहने लगे थे।
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