प्रतापगढ़/नैनी (प्रयागराज)। सदर तहसील के संडवा चंद्रिका ब्लॉक अंतर्गत मकईपुर-जगदीशपुर व पूरे बैरीशाल में चल रही चकबंदी प्रक्रिया में तैनात लेखपाल विजय गौड़ (54) ने सोमवार को प्रयागराज के नैनी स्थित अपने आवास पर फंदे से झूलकर जान दे दी। नैनी पुलिस ने फोन से सोमवार दोपहर 3:41 बजे चकबंदी विभाग के अधिकारियों को लेखपाल की खुदकुशी की जानकारी दी।
लेखपाल के अचानक खुदकुशी करने से विभागीय अधिकारी व कर्मचारियों में मातम छा गया। चकबंदी विभाग की लेखपाल संध्या ने बताया कि विकास गौड़ शनिवार को काम करने के बाद अपने घर के लिए रवाना हुए थे।
प्रत्येक शनिवार को विकास गौड़ प्रयागराज जाया करते थे। रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण सोमवार उन्हें कार्यालय आना था लेकिन वह दोपहर तक नहीं आए तो कर्मचारियों ने उनके नंबर पर कॉल किया लेकिन फोन नहीं रिसीव हुआ। शाम को नैनी पुलिस के फोन आने पर विकास गौड़ की खुदकुशी की जानकारी लगी।
कानूनगो राम बदन ने बताया कि विकास गौड़ काफी हंसमुख व मिलनसार स्वभाव के थे। वह शनिवार को घर जाने से पहले अपने प्रमोशन की सूची आने को लेकर उत्साहित थे। उन्होंने घर या नौकरी को लेकर कभी तनाव की शिकायत नहीं की थी।
कुछ महीने पहले ही विकास गौड़ को मुहाफिज खाना से स्थानांतरित करके मकईपुर ग्राम सभा का चार्ज दिया गया था।
चकबंदी विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को उनके नैनी स्थित आवास पर जाने के बाद मामले की वजह पता चलने की बात कही। घटना की जानकारी होते ही मृतक की पत्नी रेखा बिलख पड़ी। उनकी एक बेटी है।