धूमनगंज के कंधईपुर में घर के अंदर दरवाजे के सहारे फंदे से लटका हुआ एक 85 वर्षीय तांत्रिक का शव मिला। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस जांच के बाद शव फंदे से उतरवाया। वृद्ध तांत्रिक ने आत्महत्या क्यों कि इस बात को परिवार वाले भी नहीं बता पाए।
ज्ञानचंद्र (85) कंधईपुर के रहने वाले थे। उनके एक भी बच्चे नहीं हैं। भाई के बच्चों के साथ में रहते थे और तांत्रिक का काम करते थे। पोते विकास ने बताया कि उनके दादा हर रोज शाम के समय घर से थोड़ी स्थित एक पार्क में टहलने के लिए जाते थे। बृहस्पतिवार शाम को भी वहां से टहल कर घर आए और कमरे में चले गए। उसी कमरे में वह अपना पूजा पाठ भी करते थे। विकास ने बताया कि उनके यहां हर रोज रात 8:30 बजे खाना तैयार हो जाता है।
बृहस्पतिवार को जब वह दादा को खाना खाने के लिए बुलाने गए तो वह दरवाजे के ऊपरी हिस्से में रुमाल के सहारे फंदे से लटके थे। इसके उन्होंने परिवार के अन्य लोगों को भी घटना की जानकारी दिए। पोते ने कहा उनके दादा की तीन चार दिन से शरीर में तेज दर्द हो रहा था, जानकारी होने पर दवा भी दिया गया था। घटना से पूरा परिवार स्तब्ध और परेशान है।