खराब वायु प्रदूषण के कारण लोगों की आंखों में जलन और युवाओं के साथ-साथ बुजुर्गों को सांस लेने में घुटन हो रही है। हालांकि, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी)के प्रदूषण के आंकड़ों में सबकुछ गुलाबी दर्शाया जा रहा है। सोमवार को सिविल लाइंस का एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक)का स्तर 238 दर्ज किया गया। इसी प्रकार तेलियरगंज का एक्यूआई 210 दर्ज किया गया। झूंसी का एक्यूआई यलो जोन में रहा।
प्रदूष्रण नियंत्रण बोर्ड की लाइव सेंसर मशीन ने सोमवार को वायु प्रदूषण रविवार की अपेक्षा कुछ बेहतर बताया। जबकि लोग सड़कों पर सांस लेने में परेशानी महसूस कर रहे हैं। सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों तक में अस्थमा और सांस के मरीजों की संख्या में तीन गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शहर में तीन जगह एक्यूआई मापने के मशीन लगाई हैं। एक लाइव सेंसर मशीन झूंसी कार्यालय, दूसरी सिविल लाइंस में नगर निगम कार्यालय और तीसरी मशीन तेलियरगंज स्थित एमएनआईटी में लगाई गई है।
सोमवार को शहर के तीन में से दो स्टेशनों पर एक्यूआई खराब श्रेणी यानी यलो जोन में रहा। झूंसी का एक्यूआई 162 दर्ज किया गया। यूपीपीसीबी के आंकड़ों के उलट लोग पूरे दिन प्रदूषण के कारण परेशान रहे। खासकर शाम से लेकर देर रात तक लोगों का सड़कों पर सांस लेना मुहाल हो गया।
यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी कार्यदायी संस्थाओं को ताकीद किया जा रहा है। धूल से बचाव के लिए पानी का छिड़काव करने के निर्देश भी दिए गए हैं।