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प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी पर फूटा छात्रों का गुस्सा

Sun, 26 Jun 2016 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद व‌िश्वव‌िद्यालय - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र एक बार फिर आमने-सामने हैं। प्रवेश परीक्षाओं में गड़बड़ी से नाराज विद्यार्थियों ने शनिवार को जबरदस्त प्रदर्शन किया। उन्होंने कार्यपरिषद की बैठक में बाधा पहुंचाने की भी कोशिश की लेकिन उन्हें लॉ फैकेल्टी परिसर में घुसने नहीं दिया गया। विद्यार्थी परास्नातक (पीजीएटी) और शोध (क्रेट) प्रवेश परीक्षा दोबारा कराने की मांग कर रहे थे। छात्रों ने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। उनका कहना था कि यदि मांग नहीं मानी गई तो वे सोमवार को सामूहिक आत्मदाह के लिए बाध्य होंगे।
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बृहस्पतिवार और शनिवार को आयोजित क्रेट एवं पीजीएटी में नकल तथा अव्यवस्था की भारी शिकायत रही। पीजीएटी में तो परीक्षा के दौरान पेपर भी वायरल हो गया। इसके विरोध में पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार छात्रों का छात्रसंघ भवन पर जमावड़ा हुआ। दलों की बाधा तोड़कर छात्र इस आंदोलन में एकजुट दिखाई दिए और सभी संगठन से जुड़े विद्यार्थी शामिल रहे। वहां प्रदर्शन के बाद वे कुलपति दफ्तर पर पहुंचे जहां उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

आंदोलन की पूर्व घोषणा के मद्देनजर कुलपति दफ्तर पर फोर्स भी मौजूद रही। वहां नारेबाजी के बाद छात्र जुलूस बनाकर लॉ फैकेल्टी पहुंचे जहां कार्यपरिषद की बैठक चल रही थी। छात्र परिसर में घुसने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वहां पहले से मौजूद फोर्स ने उन्हें रोक दिया। इसकी वजह से वहां कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गई थी। हालांकि स्थिति नियंत्रण में रही। वहां मौजूद चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर आईआर सिद्दीकी, डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर हर्ष कुमार ने छात्रों से ज्ञापन लिया। विद्यार्थी पीजीएटी और क्रेट दोबारा कराने तथा दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
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आंदोलन में शामिल विवेकानंद पाठक, चंदन सिंह, मानस शर्मा, सुनील पांडेय आदि छात्रों ने मांग नहीं माने जाने पर सोमवार को सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी दी। छात्रसंघ उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह का कहना था कि इस मुद्दे को न्यायालय में भी ले जाया जाएगा। एसएफआई के जय प्रकाश, सूर्य प्रकाश, ज्ञानेंद्र, सईद अरशद आदि शामिल रहे। छात्र युवा संघर्ष समिति से जुड़े रीतेश श्रीवास्तव, अंजनी कुमार मिश्र, आकाश सिंह, दिनेश सिंह आदि ने दोबारा परीक्षा कराने तथा न्यायिक जांच की मांग की। ईश्वर शरण डिग्री कालेज के संयुक्त मंत्री कपिल पटेल की अगुवाई में छात्रों ने कुलपति का पुतला दहन किया। पुतला दहन करने वालों में प्रांजल, उमेश, सुधांशु, देवेश आदि शामिल रहे। 

उधर, आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) ने भी प्रवेश परीक्षा में हुई धांधली पर आक्रोश जताते हुए प्रवेश परीक्षा निदेशक को बर्खास्त करने और प्रवेश परीक्षा निरस्त करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान अलिक मौर्य, रुस्तम कुरैशी, विष्णु प्रभाकर, विमल, सुनील मौर्य, अंतस सर्वानंद आदि रहे।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षाओं में गड़बड़ी का मामला मानव संसाधन विकास मंत्रालय भी पहुंच गया है। छात्रसंघ के सांस्कृतिक सचिव जितेंद्र शुक्ला ने मंत्रालय को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया और हस्तक्षेप की मांग की है। छात्रनेता अक्षय भट्ट ने अपना दल की सांसद अनुप्रिया पटेल को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की। अनुप्रिया ने भी आश्वासन दिया कि यह मुद्दा वह संसद में उठाएंगी।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षाओं में गड़बड़ी की जांच के लिए कुलपति के निर्देश पर हाई पॉवर जांच कमेटी गठित की गई है। बृहस्पतिवार को आयोजित शोध प्रवेश परीक्षा (क्रेट) में जमकर नकल हुई थी। सूचना पर पहुंची पर्यवेक्षकों की टीम के सामने भी परीक्षा केंद्र पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। उनकी रिपोर्ट पर जांच कमेटी बनाई गई है। हालांकि, जांच रिपोर्ट को लेकर आशंकाएं भी उठने लगी हैं। विश्वविद्यालय के जिम्मेदार अफसर क्रेट तथा अन्य पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी को सिरे से खारिज कर रहे हैं। ऐसे में आशंका व्यक्त की जा रही है कि जांच सिर्फ खानापूर्ति न बनकर रह जाए।

प्रवेश परीक्षाओं में गड़बड़ी के विरोध में छात्रों के आंदोलन के बीच विद्यार्थियों का एक गुट विश्वविद्यालय प्रशासन के समर्थन में भी खड़ा हो गया है। कुलपति तथा प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक के समर्थन में आए छात्रों ने बैंक रोड चौराहे पर प्रदर्शन किया। उन्होंने कुलपति को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा। छात्रों का कहना था कि ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा केंद्रों पर कुछ लोग जबरदस्ती मोबाइल लेकर घुस गए थे। उन्हीं लोगों ने अव्यवस्था फैलाई। वे ही लोग ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा का विरोध कर रहे थे। उन्होंने आगे से सिर्फ ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा कराने की मांग का ज्ञापन सौंपा। उसी दौरान प्रवेश परीक्षाओं में गड़बड़ी के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्र भी वहां से निकले। ऐसे में टकराव की आशंका भी बन गई थी। ज्ञापन सौंपने वालों में अवधेश कुमार तिवारी, सूर्यभान सिंह, दुर्गेश नंदन मिश्र आदि शामिल रहे।
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