आतंकी लजर मसीह के पकड़े जाने के बाद यूपी एसटीएफ ने उससे गहनता से पूछताछ की थी। महाकुंभ में विस्फोट को अंजाम देने के लिए आए इस आतंकी के मोबाइल पर कई संदिग्धों से कोड वर्ड में बातचीत की पुष्टि हुई। यही नहीं, आतंक फैलाने के लिए उसे आईएसआई की ओर से फंडिंग भी पहुंचाए जाने की बात सामने आई।
वहीं, रविवार की सुबह करीब साढ़े 10 बजे एसटीएफ टीम कोखराज कोतवाली पहुंची। करीब दो बजे तक विवेचक से टीम के अफसर ने बातचीत की। इसके बाद दबी जुबान से महकमे में इस बात की चर्चा है कि आतंकी लजर मसीह वसंत पंचमी में कौशाम्बी पहुंचकर ठहरा हुआ था। वह प्रयागराज जाकर माघी पूर्णिमा पर्व में धमाका करना चाहता था, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के चलते उसे रास्ता नहीं मिल सका। इस बीच उसने कई रात विक्षिप्त के रूप में हाईवे पर घूम कर बिताए।
ईसाई धर्म के प्रचार को भी मिलती थी फंडिंग
खुफिया एजेंसियों की जांच में एक बात और भी सामने आ रही है कि आतंकी लजर मसीह ने जब से ईसाई धर्म अपनाया है, उसका जुड़ाव एक इंटरनेशनल संस्था से हो गया था। यह संस्था कई देशों में अपने धर्म का प्रचार करती है। लजर मसीह को भी संस्था की ओर से धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए फंडिंग मिलती थी। इसके लिए उत्तर प्रदेश में मौजूद संस्था का एजेंट उसे आर्थिक मदद पहुंचाता था।