डब्ल्यूएचओ की टीम ने भी लिया संज्ञान
विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम ने भी दोनों बच्चों की बीमारी का संज्ञान लिया है। टीम के सदस्यों ने दोनों बच्चों का अलग-अलग सर्वे किया है। उन्होंने परिजनों से बात करने के अलावा अस्पताल प्रशासन से मेडिकल रिपोर्ट भी मांगी।
दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल में जीबीएस बीमारी के एक बच्चे को ठीक होने में पांच महीने का समय लग गया। ऐसे में अस्पताल का महंगा खर्च अब उठा पाना मुश्किल हो रहा है। हम सरकार से आर्थिक मदद की मांग करते हैं। --चंद्र प्रकाश मौर्य, पिता।
13 फरवरी से मेरा नाती बराबर वेंटिलेटर पर है, जिसकी वजह से लंबा खर्च आ रहा है। इलाज में कितना समय लगेगा, इसका कुछ पता नहीं है। सरकार से कुछ मदद मिली है। अगर कुछ सहायता और मिल जाए तो राहत होगी। --चंद्र दत्त शुक्ला, दादा।
18 नवंबर से जो बच्चा भर्ती है, उसकी माैखिक जानकारी मिली थी। वहीं जीबीएस से पीड़ित दूसरे बच्चे के बारे में खबर प्रकाशित होने के बाद पता चला है। दोनों बच्चों की मेडिकल रिपोर्ट मांगी गई है, जिसे शासन को भेजा जाएगा। --- डॉ. एके तिवारी, सीएमओ।