क्षेत्र में बंदरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन ग्रामीण और बेजुबान जानवर बंदर के शिकार हो रहे हैं। बुधवार को फिर बंदरों के झुंड ने दो लोगों को बुरी तरह जख्मी कर दिया। बीते हफ्ते भर में बंदरों ने 10 से ज्यादा लोगों पर हमला किया है। बावजूद इसके वन विभाग और ब्लॉक प्रशासन समाधान निकालने के बजाय एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोप रहे हैं। शृंग्वेरपुर ब्लॉक क्षेत्र के गढ़वा, मिर्जहांपुर, पटना उपरहार, पियरी आदि इलाके में बंदरों के हमले बढ़ते जा रहे हैं। बुधवार को मिर्जहांपुर निवासी सोनू काम के सिलसिले में विभांडक ऋषि आश्रम जाने के लिए गांव से बाहर निकले। इसी दौरान बंदर ने उसकी गर्दन पर हमला कर दिया। पटना उपरहार के गोरेलाल सुबह अपने घर के बाहर काम कर रहे थे, तभी बंदरों के झुंड ने उनपर हमला कर दिया। हमले में वह जख्मी हो गए।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि अब मवेशी भी सुरक्षित नहीं हैं। पिछले कुछ दिनों में आक्रामक बंदरों ने दर्जन भर से अधिक गोवंश को घायल किया है। इसमें एक बछड़े की मौत भी हो चुकी है। पटना उपरहार निवासी एडवोकेट संतोष मिश्र ने बताया कि वन विभाग के रेंजर से शिकायत की गई तो उन्होंने बीडीओ शृंग्वेरपुर की जिम्मेदारी बताकर पल्ला झाड़ लिया।