टेरर फंडिंग के मामले में एटीएस ने मंगलवार को मदरसे के संचालक सैफुर्रहमान और उसके भाई उबैदुर्रहमान के वसीहाबाद स्थित घरों पर छापे मारे थे, हालांकि दोनों ही नहीं मिले थे। उबैदुर्रहमान तो पिछले कई दिनों से गायब है। उसका मोबाइल नंबर भी बंद है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों की तलाश की जा रही हैं। उनसे पूछताछ के बाद पता चलेगा कि टेरर फंडिंग में उनकी संलिप्तता है या नहीं।
एटीएस और दिल्ली पुलिस की टीम जीशान को पकड़ने के बाद सबसे पहले मुफ्ती सैफुर्रहमान और फिर उसके भाई उबैदुर्रहमान के घर गई। हालांकि दोनों लोग नहीं मिले। उनके मोबाइल भी बंद थे। उबैदुर्रहमान के घर की महिलाओं ने बताया कि वह चार दिन पहले लखनऊ जाने की बात कहकर निकले थे। उसके बाद से उनका मोबाइल भी बंद है। टीम ने दोनों के घर वालों से उनके सभी संभावित ठिकानों, करीबी दोस्तों और रिश्तेदारों के नाम फोन नंबर नोट किए। बुधवार को भी पुलिस दोनों के घर पर नजर बनाए हुए थी। पुलिस अधिकारी इस बारे में कुछ भी नहीं बता रहे हैं कि दोनों भाइयों के घर आखिर एटीएस क्यों गई थी?
करेली में दिनभर गर्म रहा चर्चाओं का बाजार
करेली तथा आसपास के इलाकों में बुधवार को दिन भर टेरर फंडिंग को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। मुफ्ती सैफुर्रहमान और उसके भाई उबैदुर्रहमान के घर के पास लोग दिन भर पहुंचते रहे। एक दूसरे से ही नहीं मीडियाकर्मियों से भी लोग पूछते रहे कि और किसी का नाम तो नहीं आ गया? इस मसले पर सोशल मीडिया पर दिन भर चर्चा होती रही। कुछ लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया तो कुछ ने इसे आने वाले चुनाव से प्रेरित बताया।