कुंभ मेला क्षेत्र में होने वाली विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की धर्म संसद की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मेला क्षेत्र में विहिप के शिविर में दस हजार की क्षमता वाला पंडाल बनाया जा रहा है। इसके लिए दिल्ली से कारीगर बुलाए गए हैं। शिविर में पांच हजार लोगों के रहने की व्यवस्था होगी। पंडाल की निगरानी के लिए वहां सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।
विश्व हिंदू परिषद की धर्म संसद इस बार काफी अहम मानी जा रही है। दरअसल, पिछले वर्ष ही विहिप के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने एलान किया था कि कुंभ के दौरान आयोजित धर्म संसद में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की तिथि घोषित होगी। 31 जनवरी एवं एक फरवरी को आयोजित विहिप की धर्म संसद में संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का भी शामिल होना तय है।
मोहन भागवत ने तो यहां आने की हामी भी भर दी है। धर्म संसद के लिए विहिप शिविर में जर्मन हैंगर वाला बड़ा पंडाल बनाया जा रहा है। शिविर में विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव भी शामिल होंगे। तैयारियों का जायजा लेने के लिए वह भी जल्द पहुुंचेंगे। धर्म संसद के लिए विहिप की ओर से विश्व के 40 देशों में रहने वाले संगठन के पदाधिकारियों को भी निमंत्रण भेजा गया है। साथ ही कुंभ दर्शन के लिए देश के सभी शहरों में संगठन की ओर से लोगों को प्रयागराज आने का न्यौता दिया गया है। फिलहाल, शिविर में तकरीबन सौ की संख्या में स्विज कॉटेज, सामान्य कॉटेज, बड़े कॉटेज आदि का निर्माण पूरा कर लिया गया है।
देश के तमाम प्रांतों से विहिप पदाधिकारी भी यहां पहुंच कर धर्म संसद की तैयारियों में जुटे हुए हैं। विहिप के प्रांत संगठन मंत्री मुकेश जी एवं अन्य पदाधिकारी धर्म संसद के अलावा शिविर में होने वाले अन्य कार्यक्रमों पर निगाह बनाए हुए हैं। प्रांत संगठन मंत्री के मुताबिक पिछले कुंभ में हुई धर्म संसद में ही पीएम पद का उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को बनाए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इस बार राम मंदिर निर्माण की तिथि पूज्य संत घोषित करेंगे।