कुंभ से पहले स्वच्छता अभियान को धार देने के उद्देश्य से नगर निगम अभिनव प्रयोग करने जा रहा है। शहर के दस प्रमुख स्थानों पर प्लास्टिक कचरा ठिकाने लगाने के लिए स्वच्छ एटीएम स्थापित किए जाएंगे।
कोल्डड्रिंक, पानी की बोतलें, बैग, चिप्स, बिस्कुट के रैपर खुले में फेंकने के बजाए स्वच्छ एटीएम में डालने वालों को बदले में रुपैया मिलेगा। रकम नकद नहीं बल्कि बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी।
प्लास्टिक कचरा पर्यावरण के साथ नगर निगम के लिए बड़ी मुसीबत बना है। इससे निजात पाने के उपाय कई महीने से खोजे जा रहे थे। स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्लास्टिक कचरे को खुले में फैलने से रोकने के लिए कई शहरों की पड़ताल कराई गई।
निगम अफसरों के मुताबिक इंदौर और दक्षिण भारत के शहरों का भ्रमण किया गया। इस बीच लखनऊ में भी इस तरह की मशीनें लगाए जाने की सूचना मिली। वहां से जानकारी जुटाने के बाद नगर निगम ने शहर में स्वच्छ एटीएम लगाने का निर्णय लेते हुए प्रस्ताव शासन को भेजा है।
शहर के प्रमुख बाजारों, मुख्य सड़कों का चयन कर रेलवे स्टेशन और बस अड्डों के पास स्वच्छ एटीएम स्थापित किए जाएंगे। कुंभ से पहले प्रथम चरण में दस स्वच्छ एटीएम स्थापित करने की योजना है।
इन पर करीब साढ़े आठ लाख रुपये खर्च अनुमानित है। शासन के अनुमोदन और स्थलों का चयन होने के सात दिन के भीतर प्लास्टिक कचरा निस्तारण के लिए स्वच्छ एटीएम स्थापित कर दिए जाएंगे। यह कार्य दिसंबर तक पूरा कर लेने की तैयारी की गई है।
इस तरह मिलेगा प्लास्टिक कचरे का दाम
स्वच्छ एटीएम में प्लास्टिक कचरा डालने वाले को एक रुपये से दस रुपये तक का भुगतान किया जाना प्रस्तावित है। दरों का निर्धारण अभी किया जाएगा।
इसके लिए कचरा डालने वाले को एटीएम की स्क्रीन पर अपना बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और खाता नंबर की पैड के माध्यम से दर्ज करना होगा। औपचारिकता पूरी करते ही संबंधित व्यक्ति के खाते में प्लास्टिक कचरे की लिए निर्धारित दरों के मुताबिक धनराशि ऑनलाइन ट्रांसफर हो जाएगी।
प्लास्टिक कचरे को फैलने से रोकने के लिए स्वच्छ एटीएम जल्द स्थापित किए जाएंगे। लोगों को प्लास्टिक की बोतलें, बैग आदि वस्तुओं को खुले में न फेंकने के लिए प्रेरित करने का यह प्रयास है। प्रयोग सफल रहा तो कुंभ के बाद स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर में अन्य स्वच्छ एटीएम भी स्थापित कराए जाएंगे।
-अविनाश सिंह, नगर आयुक्त, सीईओ स्मार्ट सिटी कंपनी