prayagraj news : छात्रा ने लगाई फांसी।
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खुल्दाबाद स्थित राजकीय बाल गृह बालिका में रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी संदिग्ध हाल में फांसी पर लटकी मिली। सुबह कर्मचारियों ने शव फंदे पर लटका देखा तो घटना की जानकारी हुई। मौके पर पुलिस के साथ ही प्रशासनिक अफसर भी आ गए। जांच पड़ताल के बाद पुलिस का कहना है कि बीमारी से तंग आकर किशोरी ने खुदकुशी की। हालांकि किसी तरह का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
मृतक किशोरी मूल रूप से करछना थाना क्षेत्र की रहने वाली थी। पिछले साल उसने घर से भागकर दूसरी बिरादरी के किशोरसे शादी कर ली थी। जिस पर परिजनों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस दोनों को चंडीगढ़ से बरामद करते हुए शहर लाई थी। मजिस्ट्रेट के समक्ष किशोरी ने घरवालों के साथ जाने से इंकार किया था। जिसके बाद उसे राजकीय बाल गृह बालिका में रखा गया था। पुलिस के मुताबिक, शनिवार को घटना की जानकारी सुबह आठ बजे के करीब तब हुई जब बाल गृह में काम करने वाली रसोइया कमरे में पहुंची।
कर्मचारियों ने बताया कि बहुत देर तक कमरे से बाहर नहीं आने पर वह किशोरी को जगाने पहुंची थी। इसी दौरान वह फंदे पर लटकी मिली। शोरगुल पर गार्ड व अन्य कर्मचारी जुट गए और इसके बाद अफसरों व पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की लेकिन कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। शव दुपट्टे से बनाए गए फंदे पर लटका हुआ था। तब तक डीपीओ व मजिस्ट्रेट भी आ गईं। सूचना दी गई तो परिजन भी आ गए। जांच पड़ताल के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
इंस्पेक्टर खुल्दाबाद वीरेंद्र सिंह यादव के मुताबिक, पूछताछ में कर्मचारियों ने बताया है कि किशोरी टीबी की मरीज थी और डॉक्टरों की सलाह पर उसे अलग कमरे में रखा गया था। कुछ दिन पहले वह कोरोना से भी संक्रमित हो गई थी। मामला खुदकुशी का है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डीपीओ का दावा, सीसीटीवी में कैद है घटना
मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज मिश्रा ने दावा किया कि किशोरी ने खुदकुशी की है और पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है। उनका दावा है कि सीसीटीवी फुटेज देखने से पता चला है कि किशोरी ने रात एक बजे से खुदकुशी की कोशिश शुरू कर दी थी। तीन बजे के करीब वह दुपट्टे से बनाए गए फंदे को पंखे में फंसाकर फांसी पर लटक गई। प्रोबेशन विभाग की ओर से रिपोर्ट मिलने के बाद मजिस्टीरियल जांच कराई जाएगी।
बाल गृह में रहने वालाें की सुरक्षा पर सवाल
किशोरी की संदिग्ध हाल में मौत की घटना को खुदकुशी बताया जा रहा है। लेकिन इससे यहां रहने वालों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। अफसरों के दावों को सही मानें तो भी सवाल उठता है कि किशोरी रात एक बजे से जान देने की कोशिश में जुटी थी। ऐसे में किसी कर्मचारी को कैसे इसकी भनक नहीं लगी। पुलिस की पूछताछ में कर्मचारियों ने यह भी बताया है कि सुरक्षा कारणों से ही बालगृह के दरवाजों में लॉक नहीं लगवाए गए हैं। किशोरी ने जिस कमरे में फांसी लगाई, उसकेदरवाजे में भी लॉक नहीं था। यही नहीं रसोइया जब उसे बुलाने पहुंची तो भी दरवाजा धक्का देने से ही खुल गया।