इलाहाबाद विश्वविद्यालय और संघटक कॉलेजों के शिक्षकों के वेतन भुगतान में तकनीकी पेच फंस गया है। इस तकनीकी अड़चन के कारण के ही केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) की ओर से धनराशि जारी नहीं की गई है। ऐसे में शिक्षकों को अब तक मार्च माह का वेतन नहीं मिला है।
हर साल अप्रैल में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) प्रोविजन बजट देता है। इसके बाद मई में इस्टीमेट मांगा जाता है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय समेत तमाम विश्वविद्यालयों में पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) लागू हो चुका है लेकिन इस अब भी कुछ तकनीकी अड़चनें आ रही है। शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए विश्वविद्यालय के खाते में धनराशि नहीं बची है लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के कारण एमएचआरडी एवं यूजीसी में यही सूचना है कि विश्वविद्यालय के खाते में काफी धनराशि है।
यही वजह है कि एमएचआडी की ओर से यूजीसी को धनराशि नहीं दी जा रही है और ऐसे में यूजीसी विश्वविद्यालय को वेतन के लिए धनराशि जारी नहीं कर पा रहा है। सूत्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार समेत तमाम अफसर इस समस्या को सुलझाने के लिए दिल्ली गए हैं और यूजीसी में जाकर वे अपनी बात रखेंगे। ऐसे में शिक्षकों को जल्द ही वेतन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।