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75825 शिक्षक भर्ती : हाईकोर्ट ने कहा- 13 वर्ष बाद काउंसलिंग कराने का नहीं दे सकते आदेश. एकल पीठ का आदेश रद्द

Wed, 17 Apr 2024 02:51 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

हाईकोर्ट के एकल न्यायाधीश ने बेसिक शिक्षा परिषद में 72825 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के मामले में निर्देश दिया था कि इसमें बचे 12091 पदों पर काउंसलिंग कराने के लिए विज्ञापन जारी किया जाए। उसका परिणाम फरवरी के अंतिम सप्ताह तक जारी कर दिया जाए।
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अदालत (सांकेतिक)। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पारित एक निर्णय में 30 नवंबर 2011 को जूनियर बेसिक स्कूलों में 75 हजार 825 प्रशिक्षु शिक्षक की भर्ती के लिए जारी विज्ञापन में उच्चतम न्यायालय की ओर से बनाई गई 12091 श्रेणी के बचे अभ्यर्थियों को बुलाकर फिर से काउंसलिंग कराने के एकल न्यायाधीश के आदेश को सही नहीं माना। न्यायालय ने एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा बोर्ड की विशेष अपील को मंजूर कर एकल न्यायाधीश के आदेश को रद्द कर दिया है।

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कोर्ट ने कहा है कि 13 वर्ष बाद इस प्रकार से काउंसलिंग कराने का आदेश नहीं दिया जा सकता है, जबकि उच्चतम न्यायालय ने प्रशिक्षु शिक्षक की भर्ती प्रक्रिया को सही ठहराया है। दोनों विशेष अपीलों पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा एवं न्यायमूर्ति एसक्यूएच रिजवी की खंडपीठ ने कई दिनों की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था। मंगलवार को आए आदेश में सरकार की विशेष अपील मंजूर कर ली गई। यूपी सरकार की ओर से अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता रामानंद पांडेय, बेसिक शिक्षा बोर्ड की ओर से कुष्मांडा शाही ने एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ विशेष अपील दाखिल की थी।

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इसमें कहा गया था कि उच्चतम न्यायालय ने 25 जुलाई 2017 व बाद में इस मामले में अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल अवमानना केस में 13 दिसंबर 2019 को सरकार द्वारा प्रशिक्षु शिक्षकों की सम्पन्न की गई भर्ती को सही मानते हुए अवमानना का वाद खत्म कर दिया था। ऐसे में 2011 की भर्ती को लेकर फिर से शेष बचे अभ्यर्थियों की काउंसलिंग कराने का एकल जज की ओर से निर्देश दिया जाना गैर कानूनी है। वहीं, अभ्यर्थी विनय पांडेय व अन्य की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे एचएन सिंह आरके ओझा अनिल तिवारी का कहना था कि एकल न्यायाधीश द्वारा पारित आदेश में कोई त्रुटि नहीं है।

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अभ्यर्थियों को कोर्ट से लगा झटका

हाईकोर्ट के एकल न्यायाधीश ने बेसिक शिक्षा परिषद में 72825 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के मामले में निर्देश दिया था कि इसमें बचे 12091 पदों पर काउंसलिंग कराने के लिए विज्ञापन जारी किया जाए। उसका परिणाम फरवरी के अंतिम सप्ताह तक जारी कर दिया जाए। न्यायालय के इस आदेश से 12 वर्षों से चले आ रहे इस भर्ती विवाद का पटाक्षेप होने की उम्मीद थी।

याची के अधिवक्ताओं का कहना था कि 72825 सहायक अध्यापकों की भर्ती में से न्यायालय के आदेश के परिणाम स्वरूप 66655 पदों पर चयन हो गया है और चयनित अभ्यर्थियों ने कार्यभार भी ग्रहण कर लिया है, लेकिन 12091 पद अब भी शेष रह गए हैं। जिन पर काउंसलिंग नहीं कराई गई और चयन की सीमा में आने वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति नहीं हो सकी है।

एकल न्यायाधीश ने कहा था कि यह आश्चर्यजनक है कि जानकारी होने के बावजूद चयनित अभ्यर्थी काउंसलिंग में न शामिल होकर मुकदमे में लगे रहे। काउंसलिंग से संबंधित कोई तथ्य रिकॉर्ड पर नहीं है। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार और बेसिक शिक्षा परिषद 12091 पदों पर नए सिरे से काउंसलिंग के लिए विज्ञापन जारी करे और इस श्रेणी में आने वाले उन अभ्यर्थियों को बुलाया जाए, जो पूर्व में शामिल नहीं हुए।

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