शिक्षक के इस कदम से माधवी और बच्चे सहम गए। आननफानन उन्हें झूंसी के निजी अस्पताल ले गए। वहां से वह उन्हें एसआरएन में अपने एक परिचित चिकित्सक के पास लेकर टेंपो से जा रही थीं। टेंपो शास्त्री पुल पर पहुंचा तो करुणा शंकर ने सांस लेने में दिक्कत होने की बात कहकर टेंपो रुकवा लिया। पति-पत्नी दोनों उतर गए। तभी करुणा शंकर अचानक पुल की पटरी पर पहुंचे और लोहे की रेलिंग पर चढ़कर गंगा में छलांग लगा दी। इससे पत्नी माधवी बदहवास होकर चीखने-चिल्लाने लगीं। इस पर वहां से गुजर रहे राहगीर रुक गए।
अपनी आंखों के सामने पति के इस कदम से वह वहीं पर चक्कर खाकर गिर पड़ीं। मौके पर पहुंची पुलिस ने शिक्षक की तलाश में गोताखोरों को गंगा में उतारा, लेकिन रात तक कुछ पता नहीं चल सका। उधर, कॉलेज के प्रधानाचार्य जेपी वर्मा ने बताया कि वेतन नहीं रोका गया है। काफी दिनों से शिक्षक करुणा शंकर बगैर जानकारी दिए ही अनुपस्थित रहते थे। उनका सीएल और मेडिकल लीव भी समाप्त हो गई थी। उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया, इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है। वहीं, शिक्षक संघ ने प्रबंंधन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है।