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Prayagraj : पत्नी के सामने शिक्षक ने शास्त्री पुल से गंगा में लगाई छलांग, सैलरी न मिलने से थे परेशान

Fri, 16 Aug 2024 07:00 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

करुणा शंकर शुक्ला (46) झूंसी स्थित गांधी इंटर कॉलेज में अर्थशास्त्र के अध्यापक थे। कई माह से सैलरी न मिलने के कारण परेशान चल रहे थे। शुक्रवार को वह शास्त्री पुल पर घूम रहे थे। कुछ देर बाद उन्होंने एकाएक गंगा में छलांग लगा दी।
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शिक्षक के गंगा में छलांग लगाने के बाद जुटी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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पत्नी के साथ स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल जा रहे शिक्षक करुणा शंकर शुक्ल ने शास्त्री पुल से गंगा में छलांग दी। इससे वहां अफरातफरी मच गई। शिक्षक की तलाश में गोताखोरों को गहरे पानी में उतारा गया, लेकिन देर रात तक कुछ पता नहीं चल सका था। वहीं, पत्नी ने स्कूल प्रबंधन पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। कहा, दो माह से वेतन नहीं दिया जा रहा था।

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प्रतापगढ़ के उदयपुर थाना क्षेत्र के रामप्रसाद का पुरवा निवासी करुणा शंकर शुक्ल (46) 20 साल से अंदावा स्थित सिटीजन हाउसिंग में परिवार संग रहते थे। वह झूंसी के पटेलनगर गांव स्थित गांधी इंटर कॉलेज में अर्थशास्त्र के प्रवक्ता थे। पिछले कुछ महीने से वह बीमार थे। पत्नी माधवी शुक्ल का आरोप है कि पिछले दो माह का वेतन कॉलेज प्रबंधन ने रोक रखा है। इससे वह कई दिनों से अवसाद में थे। इसकी वजह से वह शराब के लती भी हो गए। इसी बीच शुक्रवार सुबह करुणा शंकर ने घर में ही हाथ की नस काटकर जान देने की कोशिश की।

शिक्षक के इस कदम से माधवी और बच्चे सहम गए। आननफानन उन्हें झूंसी के निजी अस्पताल ले गए। वहां से वह उन्हें एसआरएन में अपने एक परिचित चिकित्सक के पास लेकर टेंपो से जा रही थीं। टेंपो शास्त्री पुल पर पहुंचा तो करुणा शंकर ने सांस लेने में दिक्कत होने की बात कहकर टेंपो रुकवा लिया। पति-पत्नी दोनों उतर गए। तभी करुणा शंकर अचानक पुल की पटरी पर पहुंचे और लोहे की रेलिंग पर चढ़कर गंगा में छलांग लगा दी। इससे पत्नी माधवी बदहवास होकर चीखने-चिल्लाने लगीं। इस पर वहां से गुजर रहे राहगीर रुक गए।
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अपनी आंखों के सामने पति के इस कदम से वह वहीं पर चक्कर खाकर गिर पड़ीं। मौके पर पहुंची पुलिस ने शिक्षक की तलाश में गोताखोरों को गंगा में उतारा, लेकिन रात तक कुछ पता नहीं चल सका। उधर, कॉलेज के प्रधानाचार्य जेपी वर्मा ने बताया कि वेतन नहीं रोका गया है। काफी दिनों से शिक्षक करुणा शंकर बगैर जानकारी दिए ही अनुपस्थित रहते थे। उनका सीएल और मेडिकल लीव भी समाप्त हो गई थी। उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया, इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है। वहीं, शिक्षक संघ ने प्रबंंधन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
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