धूमनगंज के झलवा स्थित एनसीआर मुख्यालय के पास सड़क हादसे में ग्राम विकास अधिकारी मनीष कुमार (23) की मौत हो गई। हादसा तब हुआ जब वह बाइक से कालिंदीपुरम स्थित अपने घर लौट रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
महेश कुमार कालिंदपुरम स्थित ओमप्रकाश सभासद मार्ग के रहने वाले हैं। उनका बेटा मनीष ग्राम विकास अधिकारी था। उसकी वर्तमान तैनाती अमेठी जनपद के सिंहपुर ब्लॉक में थी। एक दिन पहले धूमनगंज के ही कन्हईपुर में रहने वाले परिचित के घर आयोजित शादी समारोह में शामिल होने के लिए वह घर आया था। शादी के बाद वह कन्हईपुर में ही रहने वाले अपने ताऊ के घर रुक गया था। जहां से सोमवार रात 11.30 बजे के करीब वह बाइक से घर लौटने लगा। अभी वह एनसीआर मुख्यालय के पास पहुंचा था कि सामने से आई तेज रफ्तार इनोवा कार उसकी बाइक से आ भिड़ी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वह छिटककर दूर जा गिरा जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस उसे अस्पताल ले गई लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर हादसे के बाद आरोपी चालक कार छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि पिता की तहरीर पर अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। कार कब्जे में लेकर उसकी तलाश की जा रही है।
एक पल में बिखर गए सपने
मनीष की मौत की खबर घर पहुंची तो वहां कोहराम मच गया। पिता महेश कुमार व मां के अलावा दो छोटी बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था। महेश राजमिस्त्री का काम करते हैं। बेटे मनीष की नौकरी लगने के बाद से सभी लोग बेहद खुश थे। घरवालों ने मनीष को लेकर कई सपने संजोए थे। लेकिन सोमवार को हुए हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं। एक पल में घरवालों के सभी सपने चूर हो गए।