विलक्षण प्रतिभा के धनी थे रज्जू भैया: स्वामी यतींद्रानंद
0 रज्जू भैया की जन्म शताब्दी पर शनिवार को संघ की ओर से हुए कई कार्यक्रम
प्रयागराज । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चतुर्थ सरसंघचालक प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैया की जन्म शताब्दी पर शनिवार को संघ की ओर से तमाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला गया। मुख्य कार्यक्रम ज्वाला देवी इंटर कालेज में हुआ। यहां आयोजित गोष्ठी में अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद ने कहा की रज्जू भैया विलक्षण व्यक्तित्व के धनी थे।
गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में स्वामी यतींद्रानंद ने कहा कि उन्होंने कहा कि धर्म निरपेक्षता की नीति पर विचार करने का समय आ गया है। धर्म प्राण देश को धर्म निरपेक्षता का अजगर डसने की तैयारी कर रहा है, इसलिए इससे पीछा छुड़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जातिवाद को तिलांजलि देकर धर्म और सनातन संस्कृति के आधार पर पूरे समाज को जोड़ने की आवश्यकता है । इस अवसर पर प्रांत प्रचारक रमेश ने रज्जू भैया के व्यक्तित्व एवं कृतित्व की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि रज्जू भैया ने जीवन के अंतिम क्षण तक संघ की पद्धति का पालन किया। सरसंघचालक बनने के बाद पहली बार जब वे प्रयाग आए तो पद की गरिमा को कार्यकर्ताओं की आत्मीयता के बीच में नहीं आने दिया। सबसे समरस भाव से आत्मीयता से मिले । इस अवसर पर अधिवक्ता अशोक मेहता ने भी रज्जू भैया के जीवन के विभिन्न प्रसंगों की विस्तार से चर्चा की। गोष्ठी में काशी प्रांत के संघचालक डॉ विश्वनाथ लाल निगम, सह प्रांत कार्यवाह डॉक्टर राज बिहारी श्रीवास्तव, शिव कुमार पाल, डॉ प्रमोद कुमार पांडे, डा. विनम्र सेन, डा सत्यपाल, आलोक मालवीय, डा. मुरारजी त्रिपाठी, त्रिभुवन प्रसाद पाठक आदि मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर संघ के सिविल लाइंस स्थित अनंदा आश्रम में सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा का पाठ कार्यालय प्रमुख बलराम के नेतृत्व में हुआ। इसी क्त्रस्म में रज्जू भैया शताब्दी वर्ष के पहले कार्यक्रम के रूप में भारतीय जनता पार्टी के अखिल भारतीय संगठन मंत्री शिव प्रकाश ने वेबिनार के माध्यम से देशभर के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। वेबिनार में प्रयागराज से पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी, पूर्व मंत्री डा. नरेंद्र कुमार सिंह गौर समेत 200 से ज्यादा लोगों ने शिरकत की। ब्यूरो