पूछताछ के दौरान वह लगातार अपना बयान बदलता रहा। उसके पास से दो आधार कार्ड, एक लैपटॉप व मोबाइल मिला था। जांच पर पता चला कि युवक ने परी अखाड़ा पहुंचकर अपना गलत नाम पता दर्ज कराया था और उन्हें गलत आईडी भी दी थी। युवक का असली नाम योगेंद्र शर्मा है। पूछताछ व जांच के बाद पता चला कि अखाड़े की मान्यता दिलाने के नाम पर युवक ठगी करने आया था। रविवार देर शाम त्रिकाल भवंता की तहरीर पर पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। सोमवार को उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।