संगम नगरी में बृहस्पतिवार को ब्लैक फंगस संक्रमित पांचवें मरीज की सफल सर्जरी की गई। मैक्जिला ऑपरेशन में विशेषज्ञों को साढ़े पांच घंटे लगे। उधर निजी अस्पतालों में ब्लैक फंगस के तीन संदिग्ध मरीज चिह्नित किए गए हैं। संक्रमितों को कुछ जरूरी जांचों के साथ सीटी स्कैन, इंडोस्कोपी कराने की सलाह दी गई है।
मोती लाल नेहरू कॉलेज के एसआरएन अस्पताल में नौ ब्लैंक फंगस मरीज भर्ती हैं। इनमें एक कोविड वार्ड तथा आठ अन्य पोस्ट कोविड वार्ड में इलाज करा रहे हैं। सह कोविड नोडल डॉ. सुजीत वर्मा के मुताबिक ब्लैक फंगस पीड़ित मरीजों की हालत स्थिर हैं। इंजेक्शन और दवा के साथ विशेषज्ञों की टीम उनके उपचार में लगी है।
ब्लैक फंगस (सांकेतिक तस्वीर)
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एसआरएन अस्पताल की माड्यूलर ओटी में बृहस्पतिवार को डॉ. सचिन जैन की अगुवाई में असिस्टेंट फोफेसर डॉ, राम सिंह सिंह की टीम ने ब्लैक फंगस पीड़ित मरीज का ऑपरेशन किया। विभागाध्यक्ष डॉ. सचिन जैन के मुताबिक मरीज को नाक के बगल बाएं तरफ तेज दर्द था। जांच के बाद फंगस निकालने के लिए मैक्जिला सर्जरी की गई। मरीज को अब जल्द आराम होगा। सर्जरी टीम में आई सर्जन डॉ. जागृति राना, जीतेंद्र शुक्ला, अमन ओहरी, न्यूरो सर्जन डॉ. एनएन गोपाल, प्लास्टिक सर्जन कोविड नोडल डॉ. मोहित जैन आदि शामिल रहे।
उधर तीन अलग-अलग निजी अस्पतालों में ब्लैक फंगस संक्रमितों को जांच कराने और इलाज के लिए एसआरएन रेफर किया गया। सभी मरीज होम आइसोलेशन में रहकर कोरोना संक्रमणमुक्त हुए बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट के बाद तय किया जाएगा कि उन्हें भर्ती की जरूरत है या नहीं।