डॉ. राजपाल ने तीसरी बार मेडिकल कॉलेज को छोड़ने में सफल हो सके हैं। इससे पहले उन्होंने त्यागपत्र दिया था, जिसे शासन ने नामंजूर कर दिया था। दूसरी बार उनकी अन्यत्र नियुक्ति हो जाने पर शासन ने एनओसी नहीं दी थी। इस बार उन्हें सशर्त एनओसी दी गई है। वह तीन साल के भीतर पुराने तैनाती स्थल पर वापसी कर सकते हैं।
बताया जाता है कि डॉ. राजपाल ने लोक सेवा आयोग में विज्ञापित प्रोफेसर पद के लिए आवेदन किया है, लेकिन अभी तक साक्षात्कार नहीं हो पाया। वह इस प्रयास में सफल होते तो एमएलएन मेडिकल कॉलेज के कॉडियोलॉजी विभाग में उन्हें सीधे नियुक्ति मिल जाती। डॉ. राजपाल को पेसमेकर और एंजियोग्राफी में विशेषज्ञता हासिल है, लेकिन यहां इस तरह की सुविधा और कैथ लैब नहीं है। पीएमएसएसवाई में कैथ लैब की स्थापना प्रस्तावित है, जो कोरोना काल में बाधित हो गई। प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. एसपी सिंह ने डॉ. राजपाल को रिलीव करने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कॉर्डियोलॉजी विभाग में सृजित पदों पर विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए जल्द ही विज्ञापन जारी किए जाएंगे।