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आत्महत्या : कारोबारी के बेटे ने व्हाट्सएप पर स्टेटस लगाने के बाद यमुना में कूदकर दी जान

Thu, 30 Sep 2021 09:51 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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आत्महत्या
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राजरूपपुर में रहने वाले मिठाई कारोबारी के 17 वर्षीय बेटे कुशाग्र जायसवाल ने यमुना में कूदकर जान  दे दी। इससे पहले उसने व्हाट्सएप स्टेटस पर अपनी एक सेल्फी पोस्ट की जिसमें वह रोता हुआ दिख रहा था। उसने यह कदम क्यों उठाया,फिलहाल इस बारे में घरवाले भी कुछ बता नहीं पाए हैं। लेकिन जांच पड़ताल के बाद माना जा रहा है कि घरवालों की किसी बात को लेकर वह नाराज होकर घर से निकला था।
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बिना कुछ बताए निकला था घर से
राजरूपपुर में रहने वाले रतन जायसवाल मिठाई करोबारी हैं। उनके तीन बच्चों में कुशाग्र उर्फ विनायक जायसवाल इकलौता बेटा था। वह चौफटका स्थित एपीएस में 10वीं का छात्र था। पढ़ाई के साथ-साथ वह अपने पिता के कारोबार में भी हाथ बंटाता था। पुलिस के मुताबिक, 29 सितंबर की आधी रात करीब पौने दो बजे वह परिवारवालों को बिना बताए घर से निकल गया।

नींद खुलने पर उसे घर में ना पाकर परिजनों ने खोजबीन शुरू की लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसी दौरान उसका व्हाट्सएप स्टेटस देखने पर उसकी सेल्फी दिखाई दी जिसमें वह नए यमुना पुल पर रोते हुए नजर आ रहा था। घरवाले नए पुल पर पहुंचे तो उसकी साइकिल व चप्पल मिली लेकिन कुछ पता नहीं चला। घंटों खोजबीन के बाद भी कुछ पता नहीं चलने पर परिजनों ने धूमनगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
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परिजनों में मचा कोहराम
पुलिस तलाश में जुटी थी कि बृहस्पतिवार दोपहर कीडगंज में यमुना पुल के पास किशोर की लाश नदी में उतराती मिली। शव को बाहर निकलवाकर जांच पड़ताल की गई तो पता चला कि मृतक कुशाग्र है। जानकारी पर धूमनगंज पुलिस के साथ ही घरवाले भी आ गए। शव देखते ही वह बिलखने लगे। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जहां से देर शाम शव परिजनों को सौंप दिया गया। धूमनगंज इंस्पेक्टर तारकेश्वर राय ने बताया कि छात्र ने ऐसा कदम क्यों उठाया, घरवाले इस बाबत कुछ नहीं बता पा रहे हैं। फिलहाल यही लग रहा है कि वह किसी बात को लेकर नाराज होकर घर से निकला था।
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एलएलबी के छात्र ने किया था सुसाइड का नाटक, कोर्ट में खुद पहुंचा था सरेंडर अर्जी लेकर

नए पुल से लापता एलएलबी छात्र उदितराज ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सुसाइड का नाटक किया था। इस बात का खुलासा तब हुआ जब पुलिस कोर्ट में पहुंची। तब पता चला कि उसने खुद कोर्ट में पहुंचकर सरेंडर अर्जी डाली थी। पुलिस का कहना है कि उसकी तलाश की जा रही है। मूल रूप से कौशाम्बी के रहने वाला उदितराज राजरूपपुर में किराये पर रहता है। 24 सितंबर को उसके खिलाफ धूमनगंज थाने में छेड़खानी, मारपीट के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

27 सितंबर की रात उसकी बाइक , हेलमेट व पर्स नए पुल पर लावारिस हाल में मिला था। लेकिन उसका पता नहीं चला। कीडगंज पुलिस उसकी तलाश में जुटी रही लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि कोर्ट में उसके नाम से सरेंडर अप्लीकेशन डाली गई है। पुलिस ने कोर्ट में पहुंचकर पता लगाया तो पता चला कि उदित खुद कोर्ट में सरेंडर अर्जी डालने पहुंचा था। इसके बाद पुलिस ने उसके घर पहुंची तो परिवारवालों ने जानकारी होने से इंकार किया। उधर पुलिस ने कौशाम्बी स्थित उसके पैतृक गांव पहुंचकर भी दबिश दी। लेकिन वह वहां भी नहीं मिला। धूमनगंज इंस्पेक्टर ने बताया कि उसकी तलाश की जा रही है। 
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