स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) के सर्जरी विभाग में गर्दन में होने वाले दुर्लभ कैरोटिड बॉडी ट्यूमर की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक हुई। छह घंटे चले ऑपरेशन में 44 वर्षीय मरीज का ट्यूमर निकाला गया। प्रभावित रक्तवाहिका का पुनर्निर्माण भी किया गया।
किसान सुरेश कुमार दो वर्षों से गर्दन के बायीं ओर दर्द और सूजन से परेशान थे। जांच के बाद उनमें बायीं ओर कैरोटिड बॉडी ट्यूमर की पुष्टि हुई। 21 अगस्त को उनकी सर्जरी की गई। यह जटिल सर्जरी डॉ. विकास सचदेवा व उनकी टीम के राजुल अभिषेक व नरेंद्र जायसवाल ने की। वहीं एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी धर्मेंद्र यादव व उनकी टीम ने संभाली।
दुर्लभ ट्यूमर व जटिल प्रक्रिया
कैरोटिड बॉडी ट्यूमर गर्दन में कैरोटिड धमनी के पास विकसित होता है। यह ट्यूमर महत्वपूर्ण रक्तवाहिकाओं व नसों के करीब होता है। इसलिए इसकी सर्जरी चुनौतीपूर्ण मानी जाती है।
वर्जन
एसआरएन अस्पताल में ऐसे दुर्लभ मामलों का सफल उपचार संस्थान की विशेषज्ञता व आधुनिक सुविधाओं को दर्शाता है। अब गंभीर रोगों के मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार के लिए बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। उन्हें प्रयागराज में ही सुविधाएं मिलती हैं। - डॉ. एके वर्मा, प्राचार्य, मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज।