प्रदेश के 46 नए राजकीय महाविद्यालयों में सत्र 2025-2026 की प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और इनमें से ज्यादातर महाविद्यालयों में पढ़ाई भी शुरू हो गई है। एक महाविद्यालय में अपेक्षा से अधिक प्रवेश होने से अतिरिक्त शिक्षकों की मांग की गई है। इसके लिए उच्च शिक्षा निदेशक को पत्र भेजा गया है। पहले इन महाविद्यालयों के संचालन की जिम्मेदारी राज्य विश्वविद्यालयों की दी गई थी। राज्य विश्वविद्यालय को अपने स्रोतों से महाविद्यालयों के संचालन की व्यवस्था करनी थी लेकिन बाद में प्रदेश सरकार ने सभी 46 राजकीय महाविद्यालयों को अपने स्तर से चलाने का निर्णय लिया और बजट भी जारी कर दिया।
मिर्जापुर स्थित खमरियां मझवां राजकीय महाविद्यालय में सर्वाधिक 282 विद्यार्थियों ने स्नातक में प्रवेश लिया। सबसे अधिक 150 दाखिले बीए में हुए हैं। बीएससी में लगभग 100 एडमिशन हुए हैं जबकि सबसे कम प्रवेश बीकॉम में हुए हैं। प्रयागराज में भी मेजा व फूलपुर में दो नए महाविद्यालयों का इसी सत्र 2025-26 से संचालन शुरू कर दिया गया है। फूलपुर राजकीय महाविद्यालय में अब तक स्नातक में 94 दाखिले हो चुके हैं।प्रयागराज मंडल के तहत सिराथू राजकीय महाविद्यालय में भी स्नातक में 92 विद्यार्थी प्रवेश ले चुके हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमित भारद्वाज ने बताया कि इन महाविद्यालयों में छात्रों संख्या के हिसाब से शिक्षकों की तैनाती कर दी गई है। मिर्जापुर में अपेक्षा से अधिक प्रवेश होने के कारण सात अतिरिक्त शिक्षकों की मांग की गई है।
प्रयोगशाला के लिए दिए गए तीन-तीन लाख रुपये
सभी नए महाविद्यालयों में प्रयोगशाला के लिए तीन-तीन लाख का बजट जारी कर दिया गया है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमित भारद्वाज के अनुसार हर महाविद्यालयों में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 14 लाख रुपये दिए गए हैं। इनमें बेंच, दो कंप्यूटर, एक प्रिंटर,एक वाटर कूलर आरओ के साथ, इनवर्टर आदि शामिल हैं। इसके अलावा कार्यालय के लिए 15 हजार रुपये दिए गए हैं।
हर कॉलेज में होनी है 15-15 शिक्षकों की तैनाती
उच्च शिक्षा निदेशक ने बताया कि सभी 46 महाविद्यालयों में 15-15 असिस्टेंट प्रोफेसरों की तैनाती होनी है। अभी दूसरे महाविद्यालयों के शिक्षकों को स्थानांतरित कर नए महाविद्यालयों में भेज दिया गया है। नए असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को 1253 पदों का अधियाचन भेज दिया है। जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होने वाली है। कॉलेजों को जल्द ही नए असिस्टेंट प्रोफेसर मिल जाएंगे।