तकरीबन 300 छात्रों ने बंकर में ली है शरण
प्रमोद कुमार ने बताया कि उसके साथ कमरे में बिहार के हरिनंद और गोरखपुर के आबिद अली भी रहते हैं। वे तीनों साथी अपना रूम छोड़कर हॉस्टल में ही नीेचे बने बंकर में रात-दिन गुजार रहे हैं। कॉलेज प्रशासन ने इस बंकर में तकरीबन 300 छात्रों को शरण दी है। इसमें छात्र-छात्राएं सभी शामिल हैं।
जमीन पर चल रही है गोलियां, आसमान से बमबारी
सड़कों पर हथियारों से लैस जवान गोलियां बरसा रहे हैं। उधर आसमान से रूस के फाइटर जेट्स बमबारी कर रहे हैं। लोग कई-कई दिनों तक बंकर में छिपने को मजबूर हैं। यूक्रेेन से निकलने का सबसे सुरक्षित रास्ता पोलैंड है लेकिन सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर वहां पहुंचने वाले छात्रों को पोलैंड से भगाया जा रहा है।
बॉर्डर पार कर रोमानिया पहुंची प्रीति
यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने गई गौहनिया की एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा प्रीति साहू पुत्री अशोक कुमार साहू यूक्रेन से बस द्वारा बॉर्डर पार कर रोमानिया पहुंच गई है। यहां पर भारतीय दूतावास ने प्रीति समेत अन्य छात्रों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की है।