एक वर्ष का बेटा बीमार है, मैं अनशन पर हूं
करीब 600 किलोमीटर दूर बुलंदशहर से प्रयागराज आए प्रवीण कुमार 14 दिनों से अनशन पर हैं। वह पत्नी से वीडियो कॉल पर बात कर रहे थे। अपने एक साल के बीमार बच्चे का हाल पूछ रहे थे। इसके बाद वह भावुक होकर रोने लगते हैं। उन्होंने कहा, मैं अपने बीमार बच्चे को छोड़कर 30 अगस्त से यहां आया हूं। घर पर मेरी जरूरत है लेकिन मैं नहीं जा पा रहा हूं। मांग पूरी न होने तक मैं यहां से नहीं जाऊंगा, भले ही मेरी जान चली जाए।
अनशनरत छात्रों को ओढ़ाया गया प्रतीकात्मक कफन
अनशन कर रहे चार प्रतियोगी छात्र भी शिक्षा निदेशालय पहुंचे थे। यहां पर उनके ऊपर प्रतीकात्मक कफन ओढ़ाकर प्रदर्शन किया गया। छात्र अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की फोटो भी लेकर बैठे रहे। अफसरों के खिलाफ व सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।