इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ पदाधिकारियों के कक्ष पर विवि प्रशासन की ओर से तालाबंदी किए जाने का छात्रसंघ पदाधिकारियों सहित छात्रों ने विरोध किया है। छात्रसंघ भवन पर एक बैठक में वर्तमान एवं पूर्व पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में छात्रों ने बैठक कर तालाबंदी का विरोध किया। बैठक के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार का घेराव कर उनसे तालाबंदी का विरोध किया। छात्रों ने पदाधिकारियों के कक्ष पर तालाबंदी किए जाने पर सबसे अधिक नाराजगी जताई। छात्रों ने डीएसडब्ल्यू को चेतावनी दी कि 24 घंटे में ताला नहीं खुला तो उसे तोड़ दिया जाएगा।
छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव ने आरोप लगाया कि बिना नोटिस के इस प्रकार हमारे कक्ष में ताला लगा देना असंवैधानिक है। छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव का कहना है कि इससे पूर्व में भी छात्रसंघ के पदाधिकारियों के कक्ष में मई महीने में कमरों पर तालाबंदी नहीं की जाती थी। जब अगला छात्रसंघ चुना जाता था तो पूर्व पदाधिकारी उसके हाथों में चाबी सौपता था। उपमंत्री सत्यम सिंह सनी का कहना है कि विवि प्रशासन जब पदाधिकारियों की बातों को नहीं सुन रहा है तो आम छात्रों की समस्याओं को क्या सुनेगा, उन्होंने नेहा यादव के निलंबन का विरोध किया। विरोध के दौरान पूर्व महामंत्री निर्भय द्विवेदी, संदीप वर्मा, वीरेंद्र सिंह चौहान, शिवम तिवारी,सौरभ सिंह बंटी, विश्व विदित सिंह, विवेक तिवारी, अंकित यादव, दुर्गेश सिंह, आनंद सिंह सेंगर, अनुभव सिंह छोटू, सत्यम कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
इविवि छात्रों को आपस में लड़ाकर आवाज दबाने का काम कर रहा
इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की आवाज दबाने के लिए छात्रसंघ की जगह छात्र परिषद की रूपरेखा तैयार कर रहा है। इसका सभी छात्र संगठनों की ओर से विरोध किया जा रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता विवि प्रशासन का इस मामले में कड़ा विरोध कर रहे हैं। परिषद कार्यकर्ताओं का कहना है कि छात्रसंघ छात्रों का है, इसके माध्यम से हम अपनी आवाज विवि तक पहुंचाते हैं। एवीबीपी का कहना है कि विवि प्रशासन हॉस्टल वाश आउट के नाम पर तानाशही कर रहा है। इसका कोई मानक नहीं है, यह छात्रों पर अत्याचार है। इविवि छात्रसंघ के पूर्व एवं वर्तमान महामंत्री निर्भय द्विवेदी और शिवम सिंह का कहना है कि परिषद छात्रों के प्रत्येक मुद्दे पर उनके साथ है। छात्रों को बांटने का विवि प्रशासन का प्रयास सफल नहीं होगा। विरोध करने वालों में नवीन मिश्र, विवेक तिवारी, विनायक पांडेय सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।