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नवोदय विद्यालय में बवालः सात घंटे तक जाम रहा हाईवे

Wed, 19 Feb 2020 02:06 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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सड़क पर उतरे विद्यार्थियों को समझाती पुलिस। - फोटो : MEJA
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फेयरवेल में भोजन को लेकर ईएनएफ (एक्स नवोदय फाउंडेशन) के छात्र-छात्राओं से हुई कहासुनी के बाद जवाहर नवोदय विद्यालय मेजा खास के विद्यार्थियों ने मंगलवार को जमकर बवाल किया। उनका आरोप था कि ईएनएफ के छात्रों के साथ-साथ पुलिस ने भी उनके साथ मारपीट की।
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ईएनएफ को नवोदय विद्यालय से हटाए जाने की मांग को लेकर उन्होंने मेजा-कोरांव मार्ग पर जाम लगा दिया। विद्यार्थियों ने ईएनएफ निदेशक की गाड़ी पर भी पथराव किया। लगभग सात घंटे तक हंगामा चला, बाद में एसडीएम और सीओ ने किसी तरह नवोदय के विद्यार्थियों को शांत कराया।
सोमवार शाम को जवाहर नवोदय विद्यालय मेजा खास में बारहवीं के विद्यार्थियों का विदाई समारोह आयोजित किया गया था। आरोप है कि देर रात तक चले कार्यक्रम के बाद विद्यार्थी जब मेस पहुंचे तो ईएनएफ के छात्र-छात्राओं ने भोजन करने के बाद उनके हिस्से के भोजन को कूड़ेदान में डाल दिया।
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विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि इस दौरान ईएनएफ के छात्र-छात्राओं ने उनके साथ मारपीट की। सूचना पर स्कूल पहुंची पुलिस ने भी उनकी पिटाई की। इसी के विरोध में मंगलवार सुबह पांच बजे स्कूल परिसर में विद्यार्थी धरने पर बैठ गए। इस दौरान ईएनएफ को विद्यालय से हटाए जाने के साथ दुर्व्यवहार करने वाले छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। एसडीएम रेनू सिंह और सीओ सहीराम आर्या ने आक्रोशित विद्यार्थियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे डीएम और कमिश्नर को बुलानेे की मांग करते हुए मेजा-कोरांव मार्ग पर पहुंच गए और सड़क जाम कर हंगामा काटना शुरू कर दिया।

सीओ और कोतवाल ने सख्ती दिखानी शुरू की तब जाकर आक्रोशित विद्यार्थी वापस स्कूल लौटे। करीब सात घंटे तक चले विद्यार्थियों के हंगामे को लेकर स्कूल प्रशासन बेहद परेशान रहा। स्कूल के प्रिंसिपल आरके राय ने विद्यार्थियों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे एक नहीं माने।
शिक्षकों की भूमिका संदिग्ध, होगी कार्रवाई

मेजा। एसडीएम रेनू सिंह ने कहा कि इस मामले में प्रथम दृष्टया कई शिक्षक भी संदिग्ध लग रहे हैं। एसडीएम ने कहा कि विद्यार्थी आक्रोशित होकर सड़क पर उतर आए, लेकिन एक-दो शिक्षकों के अलावा और कोई दूसरा शिक्षक उन पर अंकुश नहीं लगा सका। यहां तक कि कई शिक्षक तमाशबीन बने रहे। पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेटियल जांच कराकर कार्रवाई करूंगी। वहीं सीओ सहीराम आर्या ने भी कई शिक्षकों की भूमिका को संदिग्ध बताया है।
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