फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीसीएस-जे परीक्षा की जांच के लिए मुख्य न्यायाधीश से गुहार

Mon, 17 Jun 2019 12:27 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
विज्ञापन
uppsc
विज्ञापन

पीसीएस-जे 2018 की मुख्य परीक्षा के परिणाम में गड़बड़ी के आरोप लगने के बाद अब इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेे) से न्याय की गुहार लगाई गई है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय ने मुख्य न्यायाधीश को मेल भेजकर प्रार्थना की है कि वह मामले में स्वत: संज्ञान लेकर प्रकरण की जांच करें।

विज्ञापन


ई-मेल के माध्यम से अवनीश ने पीसीएस-जे परीक्षा से संबंधित कुछ तथ्य सीजे के समक्ष प्रस्तुत किए हैं। अवनीश का दावा है कि रोल नंबरों की एक शृंखला के तहत जिस क्रम में अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की, उसी क्रम में मुख्य परीक्षा में भी वही अभ्यर्थी सफल रहे। इस पर भी सवाल उठाए गए हैं कि शासन की ओर से परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति के एक दिन पहले आयोग ने अचानक रिजल्ट जारी कर दिया। अवनीश का आरोप है कि एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामले में जिस प्रेस संचालक को गिरफ्तार किया गया, इस परीक्षा का पेपर भी उसी प्रेस में छपवाया गया।

अवनीश ने सवाल उठाया है कि जब प्रेस मालिक वही, परीक्षा नियंत्रक वही, सचिव वही और कर्मचारी वही तो कोई यह कैसे मान ले कि परीक्षा में धांधली व भ्रष्टाचार नहीं हुई है। एक ही सेंटर के एक कमरे के कुछ अभ्यर्थियों को पहले प्री और फिर मेंस में सफल होना मात्र संयोग नहीं हो सकता। आयोग इस संयोग कहकर भ्रष्टाचार छिपाने का प्रयास कर रहा है। सीजे से गुहार लगाई गई है कि अफसर-कर्मचारी जब आयोग की स्वायत्तता की दुहाई देकर कार्रवाई का विरोध कर रहे हों, भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार परीक्षा नियंत्रक की रिहाई के लिए चंदा इकट्ठा कर रहे हों और सचिव सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा का रिजल्ट पीसीएस-जे का परिणाम कार्यवाहक परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति कर जारी कर रहे हों, ऐसे में आपका हस्तक्षेप अपरिहार्य है।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें