घूरपुर के इरादतगंज में इसीसी में बीएससी के छात्र जितेंद्र शुक्ला की सड़क दुर्घटना में हुई मौत के
- फोटो : NAINI
घूरपुर (प्रयागराज)। नए साल की पार्टी में शरीक होने की जिद ईसीसी के सांस्कृतिक मंत्री जीतेश शुक्ला के लिए काल बन गई। घर वालों के मना करने के बाद भी जीतेश मऊ स्थित अपने पैत्रिक घर से एक जनवरी को प्रयागराज के लिए चल दिए। घूरपुर में उल्टी दिशा से आ रही मैजिक की चपेट में आकर गिर पड़े। पीछे से आ रहे ट्रैक्टर ने जीतेश को कुचल दिया। उनकी मौके पर मौत हो गई। सूचना पर परिवार वाले रोते-बिलखते पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। बड़ी संख्या में छात्र भी पहुंचे थे।
चित्रकूट जनपद के मऊ थानांतर्गत मवई कला गांव के जीतेश शुक्ला ईसीसी में छात्रसंघ के सांस्कृतिक मंत्री थे। वह बीएससी प्रथम वर्ष के छात्र थे। कॉलेज में शीतकालीन अवकाश होने पर जीतेश मऊ चले गए थे। नए साल पर उनके के दोस्तों ने यहां पार्टी रखी थी। उन्होंने फोन कर जीतेश को बुलाया तो वह तैयार हो गए। घर वाले मना करते रहे कि बहुत ज्यादा ठंड है। वह न जाए लेकिन जीतेश जिद थाम कर बैठ गए थे। बुधवार की दोपहर वह अपनी मोटरसाइकिल से प्रयागराज के लिए निकले थे। घूरपुर बाजार को पार करके इरादतगंज बाजार में उन्होंने ट्रैक्टर को ओवरटेक किया। उसी समय सामने से उल्टी दिशा में मैजिक गाड़ी आ रही थी। वह मैजिक की चपेट में आने से गिर गए। पीछे से आ रहे ट्रैक्टर ने जीतेश को कुचल दिया। आसपास के लोग उन्हें पास के अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एसआरएन अस्पताल भेज दिया। जितेंद्र की मौत की सूचना परिजनों को हुई तो वे रोते-बिलखते हुए वह मौके पर पहुंच गए। सूचना होने पर ईसीसी के तमाम छात्रनेता और दोस्त पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंच गए थे।
रोते रहे पिता, कहते रहे- बहुत होनहार था मेरा बेटा
सड़क हादसे में जीतेश की मौत की खबर सुनकर घर वाले सन्न रहे गए थे। कुछ घंटे पहले ही जीतेश ने परिवार वालों को नए साल की बधाई देकर सबका आशीर्वाद लिया था। घर के अधिकांश लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और बिलखने लगे। पिता श्यामचंद्र शुक्ल का रो-रोकर बुरा हाल था। वे कहते रहे परिवार में सबसे होनहार मेरा बेटा था। इसीलिए उसे पढ़ने के लिए प्रयागराज भेजा था। वे जीतेश को सुबह रोक रहे थे लेकिन जीतेश ने किसी की नहीं सुनी।