बेटे की खोज में पड़े छाले, तब मिली सफलता
इकलौते बेटे की गुमशुदगी से बेहाल पिता उत्तम कुमार ने हार नहीं मानी। वह जीआरपी की मदद के साथ खुद फाफामऊ रेलवे स्टेशन से ट्रैक के किनारे पैदल ही निकल पड़े। ढूंढते-ढूंढते उनके पैरों में छाले पड़ गए, लेकिन उनका हौसला नहीं डगमगाया। बृहस्पतिवार सुबह जब वह अटरामपुर स्टेशन के आउटर सिग्नल से 200 मीटर पहले पहुंचे, तो ट्रैक किनारे बेटे की चप्पल दिखाई दी। पास ही पानी से भरे गड्ढे में देखने पर हर्ष का शव मिला, जिसे देखते ही पिता बदहवास हो गए।
मां के सूखे आंसू, बहन का रो-रोकर हाल बेहाल
हर्ष इकलौता बेटा था। उसकी मौत की खबर मिलते ही मां प्रिया कुमारी बेटे के गम में सुध-बुध खो बैठी। बहन भारती कुमारी का रो-रोकर हाल बेहाल है। गत वर्ष डेंटल में हर्ष को मौका मिला, लेकिन उसकी प्रतिभा को देखकर परिजन संतुष्ट नहीं हुए। परिजन हर्ष को डॉक्टर बनाना चाहता था।