छात्रनेता अजय सम्राट ने कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति ने अपनी शक्तियों का दुरुपयो छात्रों का दमन करने में किया है। एसटीएफ का गठन चार मई 1998 को प्रदेश में खूंखार अपराधियों को पकड़ने के लिए किया गया था न कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने वाले छात्रों को गिरफ्तार करने के लिए किया गया था।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 400 फीसदी बढ़ी फीस, छात्रसंघ बहाली व कुलपति की अवैध नियुक्ति के खिलाफ और मृतक छात्र आशुतोष दूबे को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन के दौरान गिरफ्तार छात्रनेता अजय यादव सम्राट को शुक्रवार को 105 दिन बाद नैनी जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से रिहा होने पर बड़ी संख्या में छात्रनेताओं ने जेल गेट पर छात्रनेता का फूल मालाओं के साथ स्वागत किया। छात्रों के हुजूम के साथ कैंपस पहुंचे छात्रनेता ने छात्रसंघ भवन के गेट पर लगा ताला तोड़कर शहीद लाल पद्मधर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
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छात्रनेता अजय सम्राट ने कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति ने अपनी शक्तियों का दुरुपयो छात्रों का दमन करने में किया है। एसटीएफ का गठन चार मई 1998 को प्रदेश में खूंखार अपराधियों को पकड़ने के लिए किया गया था न कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने वाले छात्रों को गिरफ्तार करने के लिए किया गया था।इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति ने मुझे एसटीएफ के माध्यम से गिरफ्तार करवाकर यह दिखा दिया कि वह अपनी अवैध नियुक्ति को लेकर छात्रों से कितना भयभीत और डरी हुई हैं।
अजय ने कहा कि वह कुलपति की नियुक्ति को चुनौती देते हैं। वह आमने सामने बैठकर सवाल जवाब करने के लिए तैयार हैं। अगर चैलेंज हार गया तो आजीवन जेल काटने के लिए तैयार हूं। अजय यादव ने विवि के चीफ प्रॉक्टर को गुंडा बताया।