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नौकरी न मिलने से हताश छात्र ने लगाई फांसी

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नौकरी न मिलने से हताश प्रतियोगी छात्र ने लगाई फांसी
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रसूलाबाद में रहकर कर रहा था तैयारी, एमएससी के बाद कर रहा था बीएड
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। रसूलाबाद मोहल्ले में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र ने नौकरी न मिलने की हताशा में फांसी लगा ली। पड़ोस के लोगों ने उसे फांसी पर लटका देख पुलिस को सूचना दी। थोड़ी देर में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
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जानकारी के मुताबिक सुल्तानपुर, हलियापुर निवासी मुकेश चंद्र उपाध्याय का बड़ा पुत्र ऋषभ 22 वर्ष थाना शिवकुटी के रसूलाबाद मोहल्ले में वेदप्रकाश मिश्रा के घर में किराए के कमरे में रहता था। यहां वह पिछले करीब सात साल से रह रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रोजाना की तरह मंगलवार रात ऋषभ खाना खाकर सोने चला गया। बुधवार दोपहर भी जब उसका दरवाजा नहीं खुला तब लोगों को शंका हुई। पीछे ही मकान मालिक का पुत्र भी रहता है। उसने अंदर झांककर देखा तब ऋषभ फांसी पर लटका दिखा। यह देखकर उसकी चीख निकल गई। ऋषभ ने नाइलॉन की रस्सी से फांसी लगाई थी जबकि एक गमछा उसके गले पर रखा था। सूचना मिलने पर एसओ उमेश सिंह मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला। पुलिस ने कमरे की तलाशी लेकिन वहां से कोई सुसाइट नोट बरामद नहीं हुआ। पुलिस ने उसके घर वालों को घटना की सूचना दी। एसओ उमेश सिंह के मुताबिक पूछताछ में मालूम चलाकि ऋषभ पढ़ने में जहीन था। उसने इविवि से एमएससी किया हुआ था। कई जगह ट्यूशन आदि पढ़ाकर वह अपना खर्चा निकाल लेता था। इस समय वह बीएड भी कर रहा था लेकिन, कई जगह फार्म भरने के बाद भी नौकरी न मिलने से काफी परेशान था। उसके पिता ग्राम डाक सेवक का काम करते हैं। दो भाईयों एवं दो बहनों में ऋषभ ही सबसे बड़ा था। वहीं, पिता वेदप्रकाश का भी कहना है कि ऋषभ नौकरी न मिलने से परेशान था। पुलिस ने उसके शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम हाउस भेजवा दिया। आज परिजनों के न पहुंच सकने की वजह से उसका पोस्टमार्टम नहीं कराया जा सका।
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