शहर से सटे नैनी के देवरख गांव के पास गंगा में स्नान के दौरान एक प्रतियोगी छात्र गहरे पानी में समा गया। छात्र को डूबते देख उसके दो साथी बचाने दौड़े लेकिन वे भी डूबने लगे। उन्हें गोताखोरों ने सकुशल बाहर निकाल लिया। सूचना पाकर विधायक करछना दीपक पटेल देवरख गांव पहुंचे।
करछना के धरवारा गांव का मनीष दूबे (25) पुत्र कमलेश कीडगंज में किराए का कमरा लेकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। शशांक पाण्डेय (27) पुत्र दिनेश चंद्र पाण्डेय निवासी कीडगंज और देव द्विवेदी (25) पुत्र डीपी दूबे निवासी मिर्जापुर भी प्रतियोगी छात्र हैं। वे मनीष के अच्छे दोस्त थे। कई दिनों से पानी का संकट होने के चलते सोमवार सुबह मनीष, शशांक और देव ने संगम स्नान का इरादा बनाया। तीनों नैनी के देवरख घाट पर स्नान करने पहुंच गए। स्नान के दौरान मनीष गहरे पानी में चला गया। मनीष ने मदद के लिए गुहार लगाई तो शशांक और देव ने गमछा फेंक कर उसे पकड़ने को कहा। मनीष ने गमछा पकड़ा तो शशांक और देव भी तेज धारा में बहने लगे। यह देखकर घाट पर अफरातफरी मच गई। घाट पर मौजूद नाविक डूब छात्रों को बचाने के लिए दौड़े। शशांक और देव को तो नाविकों ने बचा लिया लेकिन मनीष गहरे पानी में समा गया। छात्र के डूबने से घाट पर कोहराम मच गया। सूचना पाकर नैनी पुलिस पहुंची। गोताखोरों ने देवरख से सोमेश्वर घाट तक जाल डालकर मनीष की खोजबीन की लेकिन सफलता नहीं मिली। छात्र के डूबने की खबर घर पहुंची तो कोहराम मच गया। रोते बिलखते परिजन घाट पर पहुंचे। करछना विधायक दीपक पटेल भी घाट पर पहुंचे थे। उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।