न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की कोर्ट ने कहा, मुकदमे के ट्रायल में अभियोजन के 55 गवाहों का परीक्षण किया जा चुका है। ऐसे में अब गवाहों व साक्ष्यों से छेड़छाड़ की संभावना नहीं है। ट्रायल पूरा होने में देरी है और याची काफी समय से जेल में बंद है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या और रेप के आरोप में साढ़े आठ वर्ष से जेल में बंद आगरा के बीएससी के छात्र उदय स्वरूप की सशर्त जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। कोर्ट ने व्यक्तिगत मुचलके व दो प्रतिभूति लेकर उसे रिहा करने का निर्देश दिया है।
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न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की कोर्ट ने कहा, मुकदमे के ट्रायल में अभियोजन के 55 गवाहों का परीक्षण किया जा चुका है। ऐसे में अब गवाहों व साक्ष्यों से छेड़छाड़ की संभावना नहीं है। ट्रायल पूरा होने में देरी है और याची काफी समय से जेल में बंद है।
तथ्यों के अनुसार दयालबाग एजुकेशन इंस्टीट्यूट, आगरा में 15 मार्च 2013 को पीएचडी छात्रा की लाश मिली थी। उसी रात अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म के चिह्न नहीं मिले। 37 दिन बाद पुलिस ने रोहित यादव को चश्मदीद गवाह के तौर पर पेश करते हुए बीएससी छात्र उदय स्वरूप व लैब टेक्नीशियन यशवीर संधू के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
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कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए 10 जुलाई 2014 को सीबीआई जांच का आदेश दिया। सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर हत्या तथा रेप का आरोप लगाया। लेकिन बाद में चश्मदीद गवाह ने घटना सामने होने से इन्कार कर दिया। मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया। फिलहाल याची के खिलाफ हत्या और रेप के मामले में ट्रायल चल रहा है।