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Prayagraj : एमएनएनआईटी पर उत्पीड़न का आरोप लगा छात्र ने छोड़ा संस्थान, कहा- दो डॉट लगाकर खराब कर दिया भविष्य

Wed, 20 Aug 2025 01:26 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

MNNIT Prayagraj News : एमएनएनआईटी में पढ़ने वाले एमटेक सिविल इंजीनियरिंग के छात्र ने उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए संस्थान को छोड़ दिया है। उसने यू ट्यूब पर एक वीडियो अपलोड कर सस्थान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा कि दो डॉट लगाकर मेरा भविष्य चौपट कर दिया गया। 
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नजीबुल्लाह आलम, एमएनएनआईटी इलाहाबाद। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में एमटेक सिविल इंजीनियरिंग के छात्र नजीबुल्लाह आलम ने एमएनएनआईटी प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए संस्थान छोड़ दिया। इससे पहले छात्र ने परिसर में धरना-प्रदर्शन भी किया। छात्र का वीडियो यूट्यूब पर वायरल हो रहा है। हालांकि, एमएनएनआईटी प्रशासन ने छात्र के आरोपों को खारिज किया है।

छात्र नजीबुल्लाह का कहना है कि उसने सूचना के अधिकार के तहत हॉस्टल फीस, मेस फीस और ट्यूशन फीस के बारे में जानकारी मांगी थी। यह पूछा था कि छात्रों से लिए गए शुल्क का प्रयोग कहां और कैसे किया जाता है। इसके बाद चीफ वार्डन ने उसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

छात्र पर आरोप लगाया गया कि उसने डीन ऑफिस में तोड़फोड़ और गार्ड को पीटा। मामला प्रॉक्टोरियल बोर्ड के पास भेज दिया गया और बोर्ड ने नजीबुल्लाह को दो ब्लैक डॉट दे दिए जिससे उसका चरित्र प्रमाणपत्र खराब हो गया। ऐसे में अब उसे कहीं नौकरी नहीं मिलेगी। इसके साथ ही प्राॅक्टोरियल बोर्ड ने छात्र को हॉस्टल छोड़ने का आदेश दे दिया। शैक्षणिक और छात्रावास भोजनालय शुल्क सहित सभी बकाया राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया और तोड़फोड़ के लिए क्षतिपूर्ति के रूप में पांच हजार रुपये जमा करने को कहा।

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अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने पर फंसाया गया

छात्र का दावा है कि उसने तोड़फोड़ और पिटाई नहीं की। उसे सिर्फ इसलिए फंसाया गया क्योंकि उसने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई और इसके खिलाफ परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इन कारणों से उसे संस्थान छोड़कर बिहार स्थित चंपारण में घर लौटना पड़ा।

वहीं, रजिस्ट्रार अंबक कुमार राय का कहना है कि नजीबुल्लाह जुलाई से दिसंबर-2024 में तीसरे सेमेस्टर में फेल हो गया था। उसने जनवरी से जून-2025 के तहत तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा दोबारा दी और पास होने पर दबाव बनाने लगा कि तीसरे की जगह उसे चौथे सेमेस्टर में पास मानकर डिग्री प्रदान कर दी जाए। छात्र पर 36 हजार रुपये बकाया था। इसके बावजूद फेलोशिप के रूप में उसके 84 हजार रुपये भी जारी कर दिए गए।

उसकी बात नहीं मानी गई तो वह डीन ऑफिस पहुंच गया। वहां तोड़फोड़ की और गार्ड को पीटा। इसकी वीडियो रिकाॅर्डिंग संस्थान के पास है। दोबारा परीक्षा देने के बाद तीसरे सेमेस्टर में पास होने पर छात्र से कहा गया था कि वह चौथे सेमेस्टर के लिए रजिस्ट्रेशन करा ले लेकिन वह नहीं माना। उसके अभिभावकों को तीन पत्र लिखे गए लेकिन जवाब नहीं आया।

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