आखिरकार पिछले एक माह से आसमान से आग बरसा रहे सूरज ने सोमवार को थोड़ी राहत मिल गई। पिछले कई दिनों से ठहरी नम पुरवइया ने थोड़ा दबाव का क्या बनाया, मौसम का पूरा ताना बाना ही बदल गया। पहले तो दिन में तमतमा रहे सूरज से हल्की राहत मिली और देर शाम शहर के अलावा गंगापार व यमुनापार इलाके में तेज आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी भी हुई। आंधी के दौरान यमुनापार के माही गांव में भारी भरकम नीम का पेड़ मकान पर गिरने से शिव प्रसाद कुशवाहा नामक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो र्गई जबकि पत्नी व तीन बच्चों समेत चार लोग बाल बाल बच गए। इसके अलावा गंगापार, यमुनापार में कई इलाकाें पेड़ों के गिरने व यातायात बाधित होने की सूचनाएं रही।
मौसम के बदले मिजाज के चलते पिछले कई दिनों 47 डिग्री के आसपास बरकरार पारे ने अचानक चार डिग्री का गोता लगाया। पारे के अचानक गोता लगाने से जहां शहरियों को लू के थपेड़ों से थोड़ी राहत मिली, वही मौसम का मिजाज भी बदला नजर आया। मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री से घटकर 42.8 डिग्री दर्ज किया गया। हालांकि रात के तापमान में कोई बदलाव नहीं दिखा। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक न्यूनतम तापमान 29.6 डिग्री दर्ज किया जो एक दिन पूर्व 30 डिग्री था। दिन के पारे में गिरावट का असर आर्द्रता पर भी दिखायी पड़ा। दिन में न्यूनतम आर्र्दता 21 फीसदी पर जा पहुंची जिसने लोगोें को गर्मी से हल्की राहत दी। हालांकि रात के तापमान में कोई खास गिरावट न होने से अधिकतम आर्द्रता 51 फीसदी रही। मौसम के इस बदले मिजाज का असर शहरियों पर भी दिखायी पड़ा। पिछले कई दिनों से लू के जबरदस्त थपेड़ों की मार झेल रहे लोगों ने सोमवार को हल्की राहत की सांस ली। हालांकि शहरियों को इस बार की डर सता रहा है कि कहीं ऐसा न हो कि एक बार फिर पारा 45 डिग्री का आंकड़ा पार कर जाए और जबरदस्त गर्मी का सामना करना पड़े।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक नम पुरवइया ने एक बार फिर मौसम का तानाबाना बदल कर रख दिया है। पुरवइया हवाओं के दबाव का ही असर रहा कि सोमवार को सुबह से ही बादलों ने डेरा डाल दिया था। लेकिन दोपहर में गर्म पछुवा हवाओं ने बादलों को टिकने नहीं दिया। हालांकि सांय एक बार फिर पुरवइया ने जोर पकड़ा तो आसमान में काले बादलों ने डेरा। लेकिन देर शाम तेज गर्म पछुवा हवाओं ने पूरा माहौल ही बदल दिया। शहर के अलावा जिले के गंगापार, यमुनापार में जबरदस्त आंधी आयी। साथ ही हल्की बूंदाबांदी भी हुई। मौसम विज्ञानी डॉ. एसएस ओझा का कहना है कि नम पुरवइया की आमद ने यह संकेत तो दे ही दिया है कि प्री मानूसन की बारिश जल्द होने वाली है।
नम पुरवइया के साथ पछुवा हवाओं की मजबूती को मौसम विज्ञानी अच्छा संकेत नही मान रहे हैं। मौसम विज्ञानी डॉ. ओझा का कहना है कि जिस तरीके से गंगा के मैदान में नम पुरवइया व गर्म पछुवा हवाओं के बीच नूराकुश्ती जारी है यह अच्छा संकेत नही है। बकौल मौसम विज्ञानी डॉ. ओझा अब जबकि नम पुरवइया ने डेरा डाल दिया है तो पछुवा हवाओं को कमजोर होना चाहिए था। ताकि मानसून के लिए अच्छा माहौल बनता है। लेकिन जिस तरीके से पछुवा हवाएं हावी हैं इसने मानसून के दौरान कम बारिश का भी संकेत दे दिया है।