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सरकारी दफ्तरों में हड़ताल, नहीं हुआ काम, निकाला जुलूस

Wed, 09 Jan 2019 01:42 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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हड़ताल करते कर्मचारी
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पुरानी पेंशन बहाली समेत कई अन्य मांगों को लेकर केंद्रीय और राज्य कर्मचारी मंगलवार को हड़ताल पर रहे। इसकी वजह से ज्यादातर विभागों में काम नहीं हुआ। विकास भवन समेत कई कार्यालयों में कर्मचारियों ने ताला ही नहीं खुलने दिया। कर्मचारियों की बुधवार को भी हड़ताल रहेगी और लगातार दूसरे दिन काम प्रभावित रहेगा। इसकी वजह से लोगों को परेशानी उठानी पड़ सकती है। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी एवं उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ तथा संयुक्त ट्रेड यूनियंस के आह्वान पर शुरू दो दिनी हड़ताल का असर करीब हर विभाग में दिखा। विकास भवन, लोक निर्माण, प्रयागराज विकास प्राधिकरण समेत कई विभागों में कोई काम नहीं हुआ। हड़ताल एवं मांग के समर्थन में कर्मचारियों ने जगह-जगह प्रदर्शन किया और जुलूस निकाला।

विकास भवन पर हुआ जमावड़ा
0 राज्य कर्मचारी महासंघ के बैनर तले 24 विभाग के कर्मचारियों का विकास भवन परिसर में सभा हुई। इस दौरान कर्मचारियों ने मांग के समर्थन में आवाज बुलंद की। कर्मचारी पहले अपने-अपने विभागों में पहुंचे और बंदी सुनिश्चित कराई। इसके बाद कर्मचारी जुलूस बनाकर विकास भवन पहुंचे और सभा में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष नरसिंह ने हड़ताल को पूरी तरह से सफल बताया। संचालन राजेंद्र कुमार त्रिपाठी ने किया। सभा में हरिश्चंद्र द्विवेदी, अजीत श्रीवास्तव,  भरत राय, भरत लाल शुक्ल, जितेंद्र कुशवाहा, त्रिवेणी प्रसाद, रामचंद्र यादव रामू, एजाज अहमद, लालजी सिंह, मूलचंद यादव, अरुण कुशवाहा, अजविंदर सिंह, विमल कुमार चौबे, अविनाश मिश्रा, शेख कुतुबुद्दीन, आलोक रंजन, सुब्रत बनर्जी समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं अधिकारी शामिल रहे।
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0 पुरानी पेंशन बहाली
0 न्यूनतम वेतन 26000 रुपये
0 संविदा, आउटसोर्सिंग की बजाय स्थाई नियुक्ति
0 चिकित्सा प्रतिपूर्ति संबंधी अक्तूबर में जारी आदेश वापस हो
0 अनुकंपा नौकरी में पांच फीसदी की सीमा खत्म हो
0 आठ घंटे से अधिक काम न लिया जाए
0 पांच दिनी सप्ताह किया जाए


आज निकलेगी रैली
 हड़ताल में शामिल कर्मचारियों का बुधवार को भी पहले विकास भवन परिसर में जमावड़ा होगा। वहां से रैली निकाली जाएगी, जो सुभाष चौराहे होते हुए एजी आफिस गेट पर पहुंचेगी। एजी ऑफिस पर केंद्रीय सभा भी आयोजित होगी। उसमें आगे के आंदोलन की घोषणा की जाएगी।

डाकघर समेत कई विभागों में सभा
 हड़ताल की वजह से डाक विभाग के कार्यालयों तथा डाकखानों में भी काम ठप रहा। हड़ताल में शामिल कर्मचारियों ने सिविल लाइंस प्रधान डाकघर परिसर में सभा की। अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ वर्ग स के बैनर तले हुई सभा को टीपी मिश्रा, सुभाष पांडेय, राजेश वर्मा, प्रमोद राय, जीपी ओझा, आशीष चटर्जी ने संबोधित किया। साथ में हड़ताल की सफलता का दावा करते हुए कर्मचारियों को बधाई दी। नेशनल एसोसिएशन ऑफ पोस्टल इंप्लाइज ग्रुुप के बैनर तले भी कर्मचारियों ने प्रधान डाकघ परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान हुई सभा को राजदेव, सलवत अब्बास, हरिचरण यादव, जेपी यादव, पीएस दुबे, आरपी सिंह आदि ने संबोधित किया।

पीडब्ल्यूडी, बिजली विभाग कार्यालय पर सभा
 उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के बैनर तले लोक निर्माण विभाग कार्यालय के गेट पर केंद्रीय सभा हुई। कर्मचारियों ने विभाग का गेट भी नहीं खुलने दिया। इसमें लोक निर्माण के अलावा कलेक्ट्रेट, सिंचाई, स्वास्थ्य, वन, कृषि, रोजगार कार्यालय, राजकीय मुद्रणालय आदि विभागों के कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने मांग के समर्थन में लगातार आंदोलन की घोषणा की। सभा में मंडल अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष विजयेंद्र प्रताप सिंह, अशोक कुमार पांडेय, कड़ेदीन यादव, घनश्याम पांडेय, सुरजीत सिंह यादव, नीरज तिवारी, श्रीप्रकाश सिंह, चेतन कुमार, यशवंत राय, रुपेश सिंह आदि शामिल रहे।
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बिजली विभाग के ज्यादातर कार्यालयों में कामकाज ठप रहा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारियों की जार्ज टाउन कार्यालय परिसर में सभा हुई। नेताओं ने पुरानी पेंशन बहाली समेत बिजली विभाग के कर्मियों की अन्य समस्याआें को उठाया। उन्हाेंने बुधवार को भी हड़ताल की घोषणा की। सभा में अधीक्षण अभियंता मो.तारिक जलील, सुजीत कुमार, अमरेश सिंह, जवाहर लाल विश्वकर्मा, सीताराम, डीपी ओझा, संदीप मौर्या आदि शामिल रहे। जल संस्थान कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर कर्मचारियों की कार्यालय गेट पर सभा हुई। नेताओं ने विभाग की कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे भी उठाए और आंदोलन जारी रखने की घोषणा की। सभा में अध्यक्ष प्रदीप गौड, राम सिंह, ओमप्रकाश त्रिपाठी, जमालुद्दीन, संदीप पटेल, रामहरख आदि शामिल रहे। काल्विन अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों के कार्य से विरत रहने के कारण सेवाओं पर असर पड़ा।
 
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