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exclusive : करेंट अफेयर्स पर मजबूत करें पकड़ और मॉक टेस्ट से करें तैयारी- आईएएस अनन्या सिंह ने साझा किए अनुभव

Sun, 09 Aug 2020 12:47 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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prayagraj news: आईएएस अनन्या सिंह। - फोटो : prayagraj
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सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल करना हर प्रतियोगी का सपना रहता है। साल दर साल तैयारी के बाद भी बहुतों का यह सपना पूरा नहीं होता। ऐसे में शहर के सेंट मेरी कान्वेंट (एसएमसी) की छात्रा अनन्या सिंह का पहले ही प्रयास में सिविल सेवा में 51 वीं रैंक हासिल करना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं। हाईस्कूल और इंटर में जिले की टॉपर रहीं अनन्या मिंटो रोड की रहने वाली हैं। उन्होंने इकोनामिक्स विषय से सिविल सेवा की परीक्षा दी। ‘अमर उजाला संवाद’ के जरिए अनन्या ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों से अपने अनुभव साझा किए। साथ ही परीक्षा की तैयारी से जुड़े तमाम सवालों के जवाब दिए। प्रस्तुत है प्रतियोगी परीक्षार्थियों से अनन्या के सवाल-जवाब के प्रमुख अंश : 
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1. सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए टाइम टेबल और हिंदी-अंग्रेजी माध्यम का कितना असर पड़ता है? - रश्मि मिश्रा
0 परीक्षा की तैयारी के लिए टाइम टेबल बहुत जरूरी है। जितनी देर भी पढ़ने नियमित रूप पढ़े। ऐसा नहीं कि एक दिन आठ घंटे पढ़ लिया और दूसरे दिन पढ़ाई की ही नहीं। सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए निरंतरता बहुत जरूरी है। इससे प्रतियोगी को अपनी तैयारी का स्तर पता चलता रहता है। रही बात हिंदी और अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की तो चयन से इसका कोई लेना देना नहीं है। संघ लोक सेवा आयोग सभी को समान अवसर देता है। आपकी तैयारी और मेहनत जैसी होगी, परिणाम वैसा ही आएगा।

2. यह कैसे तय करें कि क्या पढ़ें और क्या न पढ़ें। उत्तर लिखने की तैयारी कैसे करें ? प्रशांत पांडेय
0 बुकलिस्ट तैयार करें, इससे आपको पता चलेगा कि आपकी तैयारी की दिशा क्या है। एनसीईआरटी के साथ ही अच्छे लेखकों की किताबों से तैयारी करें। करेंट अफेयर्स पर अपनी पकड़ मजबूत रखें। मॉक टेस्ट से तैयारी करते रहे। परीक्षा के दौरान पूछे गए प्रश्नों के हिसाब से यह निर्धारित करें कि किस प्रश्न को कितना समय देना है। यह ध्यान रहे कि उत्तर लिखते वक्त तथ्यों का विशेष ध्यान रखें। जरूरी बातों को हाईलाइट भी कर सकते हैं। उत्तर अगर प्रभावशाली नहीं होगा तो अच्छे अंक नहीं मिलेंगे।
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3. साक्षात्कार में अगर किसी सवाल का जवाब नहीं आता है तो क्या करना चाहिए और प्रजेंस ऑफ माइंड का कितना असर पड़ता है? जोशिका मुखर्जी
0 साक्षात्कार के दौरान अगर किसी सवाल का जवाब नहीं आ रहा है तो इधर-उधर के जवाब देने से बेहतर है कि बता दें कि सवाल की जानकारी नहीं हैं। इसे परीक्षक पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पडे़गा, क्योंकि मेंस के पेपर में आपके प्रजेंस ऑफ माइंड का मूल्यांकन हो चुका होता है। इसके साथ ही आवेदनपत्र में भरी गई सूचनाओं की पूरी जानकारी रखें। अपने शहर के एतिहासिक, भौगोलिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की भी जानकारी रखें। इससे जुड़े सवाल पूछे जाते हैं और परीक्षक उम्मीद भी करता है कि आपको इसकी जानकारी होनी चाहिए। इस बात का खास ध्यान रहे कि जो जवाब दें, वह आत्मविश्वास के साथ दें।

4. उत्तर लिखने का तरीका कैसा होना चाहिए?  मनीष पांडेय
0 उत्तर लिखने के तरीके से ही आपकी तैयारी का पता चलता है। इंट्रो, बॉडी और कनक्लूजन तीनोें पर ही ध्यान देना चाहिए। बॉडी में प्वाइंटर का प्रयोग करें। अखबारों में दी गई केस स्टडी और उदाहरणों का उत्तर देने में प्रयोग अच्छे अंक दिलाता है। कनक्लूजन उत्तर का अंतिम हिस्सा होता है। यह कभी भी नकारात्मक नहीं होना चाहिए। इसमें सकारात्मकता और सुझाव होने चाहिए।

5. तैयारी के लिए पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करना कितना कारगर होता है? उत्कर्ष सिंह अंबुज
पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र तैयारी काफी उपयोगी साबित होती है। इससे यह पता चलता है कि सवाल कैसे पूछे जाते हैं। पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करने के साथ ही अपने शिक्षक से इसे चेक भी करवाएं। इससे गलतियों का पता चलेगा और उत्तर लिखने के तरीके में सुधार होगा।

6. अर्थशास्त्र विषय से तैयारी के लिए संसाधनों की कमी है, ऐसे में क्या किया जाए? अभिषेक सिंह
हां, यह सही है कि अर्थशास्त्र विषय की तैयारी के लिए पर्याप्त पाठ्य सामग्री नहीं है। ऐसे में जरूरी है कि स्नातक की अर्थशास्त्र की किताबों को पढ़ें। नीति आयोग की अद्यतन जानकारियों पर फोकस करें। यूट्यूब और वेबसाइट्स से जानकारियां हासिल करें। ऑनलाइन टेस्ट सिरीज पर ध्यान दें। पिछले वर्षों के पेपर देखें।

7. विधि छात्र पीसीएस जे के साथ सिविल परीक्षाओं की तैयारी किस तरह से करें ? आयुष श्रीवास्तव
0 पीसीएस जे और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में अंतर है। विधि विषय को पीसीएस-जे की तैयारी करने वाले प्रतियोगी सिविल सेवा में वैकल्पिक विषय के तौर पर चुन सकते हैं। बेहतर होगा कि यह तय करें कि क्या करना है, उसी दिखा में तैयारी आपको सफलता दिलाएगी।

8. वैकल्पिक विषयों के चयन में सबजेक्ट मार्केटिंग का कितना प्रभाव पड़ता है ? टिशा कैथल
सबजेेक्ट मार्केटिंग का कोई असर नहीं पड़ता है। विषय वही चुने जो आपको पसंद हो और उसे आप लंबे समय तक पढ़ सकते हैं। दूसरे प्रतियोगी, आपके दोस्त कौन से विषय से तैयारी कर रहे हैं, इसे न देखें। जिस विषय में आपकी मजबूत पकड़ हो, उसे ही चुने।

 9. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कितने घंटे जरूरी हैं ? अभिषेक दूबे
तैयारी के लिए घंटे मायने नहीं रखते हैं। जरूरी नहीं है कि 18 घंटे पढ़ा जाए। जितनी देर भी पढ़ें एकाग्र होकर पढ़ें। उसके लिखे, जिससे पढ़ा हुआ याद रहे। पढ़ाई की शुरुआत कठिन विषयों से नहीं बल्कि हल्के तरीके से करें। सुबह उठते ही जरूरी नहीं कि किताबें ही खोलीं जाए, अखबार पढ़ने के साथ भी शुरुआत हो सकती है।
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