भोर तक दोनों ओर से ईंट-पत्थर व बम चलाए जाते रहे। मामला शांत न होता देख पुलिस ने खदेड़ा तो हमलावर भागने लगे और इस दौरान तीन युवक पकड़ लिए गए। थाने में पूछताछ में उन्होंने अपना नाम मृत्युंजय कुमार निवासी गाजीपुर, सौरभ दीक्षित निवासी देवरिया और अंकित कुमार निवासी औरंगाबाद बिहार बताया। इनमें से अंकित एसएसएल व अन्य दोनों हॉलैंड हॉल हॉस्टल में रहते हैं। देर शाम बमबाजी व अन्य आराेपों में मुकदमा दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। दो आरोपी विजय यादव व आश्रय अभी फरार हैं। एसीपी राजीव कुमार यादव ने बताया कि दोनों फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
छत पर रखी खाली पानी की टंकी में छिपाए थे बम
रविवार सुबह हॉलैंड हॉल हॉस्टल के अधीक्षक रंजीत सिंह व एसएसएल हॉस्टल के अधीक्षक पवन शर्मा की ओर घटना के संबंध में तहरीर दी गई। पकड़े गए युवकों से पूछताछ के बाद पुलिस ने सूचना देकर प्रॉक्टर को बुलाया और फिर दोनों हॉस्टलों में तलाशी ली गई। इस दौरान एसएसएल हॉस्टल में छत पर मौजूद खाली पानी की टंकी में छिपाकर रखे गए 10 बम बरामद हुए। जबकि हॉलैंड हॉल हॉस्टल से बारूद, गिट्टी, छर्रा समेत बम बनाने की सामग्री बरामद हुई। मौके पर बीडीडीएस टीम को भी बुलाकर जांच कराई गई।