प्रयागराज के 48 केंद्रों में सुबह 10 से 12 बजे तक हुई परीक्षा के लिए 25344 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 22338 परीक्षार्थियों ने अपनी उपस्थित दर्ज कराई। अभ्यर्थियों को दो घंटे में वस्तुनिष्ठ प्रकार के 100 सवालों के जवाब देने थे।
शहर के 48 केंद्रों में रविवार को हुई लेखपाल भर्ती परीक्षा में सांख्यिकी के सवालोें ने अभ्यर्थियों को उलझाया। वहीं, बाकी प्रश्न अभ्यर्थियों को सामान्य लगे। अभ्यर्थियों के अनुसार पेपर संतुलित रहा। परीक्षा में अभ्यर्थियों की उपस्थिति 88 फीसदी रही।
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प्रयागराज के 48 केंद्रों में सुबह 10 से 12 बजे तक हुई परीक्षा के लिए 25344 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 22338 परीक्षार्थियों ने अपनी उपस्थित दर्ज कराई। अभ्यर्थियों को दो घंटे में वस्तुनिष्ठ प्रकार के 100 सवालों के जवाब देने थे। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का था। परीक्षा में निगेटिव मार्किंग भी थी और हर गलत उत्तर पर 0.25 अंक काटे जाने थे। परीक्षा में हिंदी, गणित, सामान्य अध्ययन और ग्रामीण परिवेश से 25-25 प्रश्न पूछे गए।
अभ्यर्थियों ने बताया कि गणित में सांख्यिकी के प्रश्नों की संख्या इस बार अधिक थी और ऐसे सवालों ने थोड़ा उलझाया। वहीं, कुल मिलाकर पेपर संतुलित और सामान्य रहा। हिंदी में औसत दर्जे के सवाल पूछे गए। सामान्य अध्ययन में 15 सवाल काफी आसान और 10 सवाल कठिन थे। ग्रामीण परिवेश में 18 प्रश्न योजनाओं पर आधारित थे। गणित में 15 से 17 सवाल आसान और बाकी कठिन थे।
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विशेषज्ञों के अनुसार पेपर को देखते हुए कट ऑफ 73 से 80 अंक तक जाने की उम्मीद है। विशेषज्ञ कुलदीप मिश्रा का कहना है कि जमीन स्तर पर काम के दौरान लेखपाल को सांख्यिकी की जानकारी होना जरूरी है। इसी वजह से पेपर का ट्रेंड बदल रहा है। न केवल लेखपाल भर्ती, बल्कि ग्राम विकास अधिकारी की भर्ती परीक्षा में भी सांख्यिकी के सवालों की संख्या बढ़ी है। पेपर संतुलित और आसान था। जिन अभ्यर्थियों ने सांख्यिकी के हल कर लिए होंगे, उनके लिए चयन के अवसर बढ़ेंगे।